एसबीएस कॉलेज रुद्रपुर में पारंपरिक भारतीय ज्ञान प्रणाली और पेटेंटिंग विषय में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का होगा आयोजन 

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रुद्रपुर। इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स सेल एसबीएस राजकीय पीजी कॉलेज रुद्रपुर द्वारा पारंपरिक भारतीय ज्ञान प्रणाली और पेटेंटिंग के विषय में 30 और 31 मार्च 2024 को दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। पारंपरिक भारतीय ज्ञान प्रणाली और पेटेंटिंग के विषय में गहन अध्ययन करने का उद्देश्य से यह सेमिनार देहरादून के यूकोस्ट के आईपीआर सेल के समर्थन में ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीकों से संचालित किया जाएगा, जिससे प्रतिभागियों को दोनो प्रकार के सहभागिता के विकल्प प्रदान किए जाएंगे। विभिन्न क्षेत्रों के पेटेंट विशेषज्ञ द्वारा इसमें व्याख्यान के साथ ही अध्यापक एवं शोध छात्र-छात्राएं इसमें अपने शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे। सेमिनार के संरक्षक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर डीसी पंत, सह समन्वय डॉ कमला बोरा, कोऑर्डिनेटर डॉ शलभ गुप्ता एवं सह कोऑर्डिनेटर डॉ भारत पांडे व डॉ चंद्रपाल हैं।

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सेमिनार के संयोजक प्रो मनोज पांडेय ने बताया की इस सेमिनार का ध्यान पौराणिक ग्रंथों के माध्यम से दिए जाने वाले ज्ञान के साथ ही हमारी पारंपरिक परिधीय परंपरा एवम प्रैक्टिस का विमर्श भी किया जाएगा। यह दैनिक जीवन में होने वाले पारंपरिक अभ्यासों को भी सम्मिलित करता है जो दूरस्थ गांवों और वन निवासियों में देखे जाते हैं। दुर्भाग्य से इन मूल्यवान पारंपरिक अभ्यासों को अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है या समय के साथ मिटते जाते हैं। इसके अलावा, ऐसे कई मामले रह चुके हैं जहां झूठे शोधकर्ता ने पारंपरिक अभ्यासों का पेटेंट ले लिया है, जिससे उनका दुरुपयोग होता है। इस सेमिनार के माध्यम से हम इस तरह के अभ्यासों पर प्रकाश डालने का उद्देश्य रखते हैं और उनमें से कुछ को पेटेंट संरक्षण की आवश्यकता है उन्हें पहचानने का प्रयास करते हैं।  समिति के सदस्य डॉ कमला बोरा ने कहा कि यह सम्मेलन प्रतिभागियों के विचारों और चर्चाओं को एक मंच प्रदान करेगा जिससे, उन्हें पारंपरिक भारतीय भौगोलिक जानकारियां, विभिन्न व्याख्यानों और प्रस्तुतियों के माध्यम से प्राप्त होगी। आईपीएआर सेल के सदस्य डॉ. सलभ गुप्ता ने कहा, “यह सम्मेलन पारंपरिक भारतीय वनस्पति ज्ञान प्रणाली को गहराई से समझने और आधुनिक दुनिया में इसके महत्व को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। हम भारतीय वनस्पति प्रथाओं का अध्ययन करने के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास करेंगे और उनके सही संरक्षण के लिए सुझाव प्रदान करेंगे। समिति के सदस्य डॉ. भरत पांडेय ने कहा, “यह सेमिनार पारंपरिक भारतीय ज्ञान प्रणाली और पेटेंटिंग के बारे में विचारों को गहराई से समझने और उन्हें बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच है। हम इस सेमिनार के माध्यम से भारतीय ज्ञान प्रणाली के अभ्यास के महत्व को जागृत करने का प्रयास करेंगे और इसे सही संरक्षण की दिशा में अग्रसर करने के लिए सुझाव देंगे। यह सेमिनार हमारे विचारों को आपसी विचार-विमर्श का मंच प्रदान करेगा और सेमिनार में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को पारंपरिक भारतीय ज्ञान प्रणाली और पेटेंटिंग के विषय में विभिन्न विषयों पर व्याख्यान और प्रस्तुतियों का आनंद लेने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही, हम इस सेमिनार में भाग लेने वाले लोगों को अधिक मोडों में सहयोग करने का भी मौका देंगे जैसे कि चर्चाओं और प्रश्नोत्तर सत्रों के माध्यम से। यह सेमिनार हमारे आदिकालीन ज्ञान और संस्कृति को महत्वपूर्ण बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। हम इस कार्यशाला का समर्थन करने के लिए यूकॉस्ट देहरादून प्रोफेसर दुर्गेश पंत (डी.जी यूकॉस्ट ) , डॉ उनियाल सर तथा डॉ. हिमांशु गोयल के बहुत आभारी हैं।

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TAGS: A two-day national seminar on traditional Indian knowledge system and patenting will be organized at SBS College Rudrapur rudrapur news SBS collage rudrapur Uttrakhand news

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