editorial news
जब सवालों ने शोर को हराया: ईश्वर, तर्क और सभ्य संवाद की एक दुर्लभ बहस
कमल किशोर पाण्डे (उप सम्पादक) 20 दिसंबर 2025 को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई जावेद अख्तर और मुफ्ती शमाइल नदवी के बीच की बहस केवल “क्या खुदा है?” जैसे एक दार्शनिक प्रश्न तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह हमारे समय के बौद्धिक स्तर, संवाद की संस्कृति और असहमति को व्यक्त करने के […]
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शिकागो से आज तक: विवेकानंद और हमारा वर्तमान
कमल किशोर पाण्डे (उप सम्पादक) “खबर सच है” स्वामी विवेकानंद द्वारा 11 सितंबर 1893 को विश्व धर्म संसद, शिकागो में दिया गया यह भाषण भारत की आध्यात्मिक चेतना, सहिष्णुता और वैश्विक मानवता का ऐतिहासिक उद्घोष था। यह केवल एक भाषण नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का विश्वमंच पर आत्मविश्वासपूर्ण परिचय था। प्रस्तुत […]
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हाकम के हाकिम तक कब पहुंचेगी एसआईटी
हाकम क्या अपने पांव चल रहा था या फिर उसको चलने की व्हील चेयर सत्ता पर काबिज हाकिम ने उपलब्ध कराई थी। हर रोज हाकम एक, हाकम दो, हाकम अट्ठाइस एसआईटी के मेहमान बन रहे है, लेकिन हाकम चार सौ बीस का सिग्नल एसआईटी की रडार पर नहीं आ रहा। जबकि हाकिमों की कोल्ड […]
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बाहुबली नहीं योग्य प्रत्याशी का चयन ही समाज हित के अनुकूल
किसी शायर ने क्या खूब कहा है… “झूठ बोलते थे कितना, फिर भी सच्चे थे हम..ये उन दिनों की बात है,, जब बच्चे थे हम..” जिसे आज राजनीती की पृष्ठभूमि में बखूबी से देखने को मिल रहा है। मै शपथ लेता हूँ कि जनता की सेवा-सहायता के लिए स्वयं को समर्पित करते हुए अपना सम्पूर्ण […]
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