editorial

सम्पादकीय

सकारात्मक सोच के साथ जनहित में हो पत्रकारिता का उद्देश्य

मनोज कुमार पाण्डे (संपादक)  “खबर सच है”  यह कहने में कतई संकोच नहीं कि वर्तमान में पत्रकारिता आधुनिक सभ्यता का एक प्रमुख ब्यवसाय बन गया है। विधायिका, कार्यपालिका व न्यायपालिका के क्रियाकलापों पर नजर रखने को बना मीडिया जो चौथे स्तम्भ के रूप में जाना जाता है, आज जहा इसके सकारात्मक प्रभाव में अभिवृद्दि हुई है […]

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सम्पादकीय

भ्रस्टाचार के खिलाफ एकजुट होने की आवश्यकता।

मनोज कुमार पाण्डे (संपादक) “खबर सच है”  भ्रस्टाचार हमारी प्रमुख और भयंकरतम समस्या हैं। भ्रस्टाचार का विषवृक्ष आम जनता के जीवन की हर सांस में विष घोल रहा हैं और दिन रात चौगुना फैल रहा हैं।क्योंकि इस विषवृक्ष को मिली हैं वह संवैधानिक भूमि जिसमें एक से अधिक सिविल कोर्ट और आरक्षण की ब्यवस्था हैं। […]

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सम्पादकीय

“कितने चेहरों से उतर गए आज मुफ़लिसी के नकाब,कल तक जो कहते रहे देंगे रोटी आज पिला रहे शराब।”

मनोज कुमार पाण्डे यह बिडम्बना ही है कि पृथक राज्य बनने के बाद भी उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश के नक्शे कदम पर ही अग्रसित रहा है। यूपी बन्द तो उत्तराखंड बन्द और यूपी में ढील तो उत्तराखंड के आलाहुजुर के भी तेवर नरम पड़ गए। ब्यापारियों के थाली बजाने, गिरफ्तारी देने यहां तक की भीख मांगने […]

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