खबर सच है संवाददाता
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए कई नई कल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य योजना के तहत दो मोबाइल मेडिकल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिनके माध्यम से श्रमिकों को कार्यस्थल और आवास पर ही स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए संकल्पबद्ध है। नई योजनाओं के माध्यम से श्रमिक परिवारों को पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास जैसी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पोषण योजना के तहत श्रमिक परिवारों को पोषण सहायता, जबकि मुख्यमंत्री शिक्षा सामग्री योजना के अंतर्गत उनके बच्चों को आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान से प्रेरित मुख्यमंत्री स्वच्छता सामग्री वितरण कार्यक्रम के तहत श्रमिक परिवारों को हाईजीन किट वितरित की जाएगी। मुख्यमंत्री योग एवं वेलनेस आरोग्य योजना के तहत श्रमिकों के बच्चों को योग एवं वेलनेस का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। योजना में प्रतिवर्ष 210 विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा के साथ प्रशिक्षण मिलेगा, जबकि तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 70 युवाओं को रोजगार से जोड़ने की भी व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य परीक्षण योजना के तहत शुरू की गई मोबाइल मेडिकल वैन में एक्स-रे, ईसीजी सहित 44 प्रकार की जांचें पूरी तरह निःशुल्क की जाएंगी। टेली-कंसल्टेशन के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह भी उपलब्ध होगी व जांच के बाद तीन माह तक स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जाएगी। इसकी शुरुआत पौड़ी गढ़वाल और चंपावत जिलों से की गई है, जिसे चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
कहा कि राज्य सरकार पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को आजीविका मजबूत करने के लिए आवश्यक औजार, साइकिल और सिलाई मशीन उपलब्ध करा रही है। इसके साथ ही घर निर्माण या खरीद के लिए आर्थिक सहायता तथा वृद्ध निर्माण श्रमिकों को मासिक पेंशन देकर सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सभी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से वास्तविक पात्र श्रमिकों तक पहुंचे और उनका जीवन स्तर बेहतर हो सके।




