खबर सच है संवाददाता
हल्द्वानी। यहां एक रेस्टोरेंट में शांतिनिकेतन ट्रस्ट फॉर हिमालया एवं हिमालयन एजुकेशन रिसर्च एंड डेवलपमेंट सोसाइटी के सदस्यों द्वारा राज्य बागवानी परिषद के उपाध्यक्ष (दर्जा राज्य मंत्री) देवेंद्र ढैला एवं भारतीय जनता पार्टी शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक कमल किशोर पाण्डेय का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
इस अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह का संचालन करते हुए शांतिनिकेतन ट्रस्ट फॉर हिमालया के सचिव प्रो. अतुल जोशी ने कहा कि उत्तराखण्ड की समृद्ध प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षिक विरासत को संरक्षित करते हुए विकास की नई संभावनाओं को तलाशना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय एवं समर्पित व्यक्तित्वों का सम्मान नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करता है।
शांतिनिकेतन ट्रस्ट फॉर हिमालया के सदस्य एवं वरिष्ठ नागरिक परिषद के उपाध्यक्ष (दर्जा राज्य मंत्री) नवीन वर्मा ने कहा कि उत्तराखण्ड के विकास में शिक्षा, पर्यावरण, कृषि एवं बागवानी की महत्वपूर्ण भूमिका है। कहा कि समाज के अनुभवी नागरिकों, शिक्षाविदों और युवा पीढ़ी के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर राज्य के विकास को नई गति दी जा सकती है।
राज्य बागवानी परिषद के उपाध्यक्ष (दर्जा राज्य मंत्री) देवेंद्र ढैला ने सम्मान के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की आर्थिकी को मजबूत करने में बागवानी की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान और स्थानीय संसाधनों का समुचित उपयोग कर किसानों एवं बागवानों की आय में वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार बागवानी क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने तथा किसानों को आधुनिक तकनीक एवं बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक कमल किशोर पाण्डेय ने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण का सबसे प्रभावी साधन है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की शिक्षा व्यवस्था को स्थानीय ज्ञान,भारतीय ज्ञान परंपरा,संस्कार, विज्ञान एवं आधुनिक तकनीक से जोड़कर नई पीढ़ी को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षाविदों, सामाजिक संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों के सामूहिक प्रयासों से शिक्षा एवं समाज के बीच बेहतर संवाद स्थापित किया जा सकता है।
कार्यक्रम में पर्यावरणविद् प्रो. एस.डी. तिवारी, डॉ. जीवन चंद्र उपाध्याय, डॉ. पंकज उप्रेती, डॉ. विनोद जोशी, डॉ. राकेश शर्मा, देवेंद्र बिष्ट सहित शांतिनिकेतन ट्रस्ट फॉर हिमालया एवं हिमालयन एजुकेशन रिसर्च एंड डेवलपमेंट सोसाइटी के अनेक सदस्य एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंतमें अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए उपस्थित सदस्यों ने उत्तराखण्ड के समग्र विकास, पर्यावरण संरक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा बागवानी क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।