अच्छाई जहां से मिले ग्रहण करके अपने जीवन को समाज के लिए उपयोगी बनाएं – श्री हरि चैतन्य महाप्रभु 

ख़बर शेयर करें -

 

खबर सच है संवाददाता

गढीनेगी। प्रेमावतार, युगदृष्टा, श्री हरि कृपा पीठाधीश्वर एंव विश्व विख्यात संत स्वामी श्री हरि चैतन्य पुरी जी महाराज ने यहाँ श्री हरि कृपा धाम आश्रम में उपस्थित भक्त समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि आत्मा व परमात्मा एक ही है मगर फिर भी अलग हैं। परमात्मा सृष्टि के कण कण में विद्यमान् है और आत्मा उसके एक अंश में, परमात्मा का आत्मा के बिना अस्तित्व है मगर आत्मा का परमात्मा के बिना कोई अस्तित्व नहीं है। परमात्मा का इस सृष्टि में सबसे एक ही नाता है भक्ति का। उसके यहाँ ऊँच-नीच, जाति-पाति आदि का कोई भेद नहीं है। परमात्मा के लिए तो एक मात्र प्रेमपूर्ण भक्ति ही सर्वस्व है। भक्तिहीन मनुष्य ठीक उसी प्रकार है जैसे बिना जल के बादल, चाहे वह कितने ही उज्जवल क्यों न हो, मगर किसी के काम के नहीं होते। भक्तिहीन जीवन कितनी ही विशेषताओं से पूर्ण होने पर भी बेकार है।भक्तिमय मनुष्य परमात्मा को अत्यंत प्रिय होते हैं। और वही विशेष कृपा के अधिकारी होते हैं। मनुष्य को अपने जीवन को श्रेष्ठ व मर्यादित बनाने के लिए जहाँ से अच्छाई मिले वहाँ से ग्रहण करके अपने जीवन को समाज के लिए कल्याणकारी श्रेष्ठ व मर्यादित बनाए। संसार में किसी को भी, कभी भी, किसी प्रकार से भी दुख, भय या कलेश नहीं पहुँचना चाहिए। तथा न ही पहुँचाने की प्रेरणा या इच्छा करनी चाहिए। सदैव सत्य स्वरूप परमात्मा की ही शरण लेनी चाहिए। हमें प्रभु का कृपा पात्र बनने की कोशिश करनी चाहिए दया पात्र नहीं। प्रेम पूर्वक की गई भक्ति से परमात्मा प्रसन्न होते हैं। और अपने भक्तों पर कृपा करते हैं।

यह भी पढ़ें 👉  आपसी प्रेम, एकता व सद्भाव को बढ़ावा दे, भेदभाव व मतभेदों को त्यागें  - श्री हरि चैतन्य महाप्रभु  

उन्होंने कहा कि इस संसार में कर्म, विकर्म, अकर्म को समझना बड़ा ही कठिन है। इनको या तो भगवान जानते हैं या तो भगवद तत्व का अनुभव करने वाले महात्मा लोग जानते हैं। अपने मन से कल्पना कर बैठना की यह पाप है, यह पुण्य है, यह अज्ञानता का लक्षण है। परमात्मा के सिवाय ऐसा कौन है जिसको पाप और पुण्य का साक्षात्कार हुआ हो ?  इसी कारण भगवान खरा खोटा नहीं देखते हैं जो उनकी शरण में आ जाए उसे स्वीकार कर लेते हैं। सुख-दुख, हानि-लाभ, यश-अपयश, जीवन- मृत्यु, अनुकूल-प्रतिकूल सभी में परमात्मा की कृपा का सदैव अनुभव करते हुए प्रभु स्मरण व अपने अपने कर्तव्यों का पालन करते रहने में ही कल्याण है। उन्होंने कहा कि अन्तरदृष्टि (दिव्य नेत्र) खुलने पर परमात्मा या आत्मा का स्वरूप दिखाई देगा। बाह्य चर्म नेत्रों से बाह्य चर्म इत्यादि ही दिखता है। वह दिव्य दृष्टि या तो प्रभु कृपा कर के दे दें, जैसे अर्जुन द्वारा विराट रूप देखने की इच्छा जाहिर करने पर प्रभु कहते हैं कि इन नेत्रों से तू मेरे उस स्वरूप को नहीं देख सकता इनसे तो सभी देख रहे हैं किसने पहचाना ? तुझे दिव्य नेत्र प्रदान करता हूं उनसे तू मुझे देख। या गुरु कृपा से प्राप्त हो सकते हैं जैसे व्यास जी संजय को प्रदान करते हैं या ऐसा भक्त या संत दे सकता है, जैसे वाह्य नेत्र ना होने के बावजूद धृतराष्ट्र को संजय ने सारा वृतान्त बता दिया व दिखा दिया। 

यह भी पढ़ें 👉  वोट पर सवाल, सड़क पर संग्राम : हल्द्वानी में कांग्रेस का बड़ा जनजागरण मार्च   

अपनी गलतियों को, दोषो, विकारो, व्यसनों व बुराइयों को कभी छोटा न समझे। छोटी-छोटी कमियां ही एक दिन बहुत बड़ी कमी बन जाती है। जो हमारे जीवन को पतन के कगार पर पहुंचा देती हैं। नित्य आत्मान्वेषण करें। अपने मन की नही, आत्मा की आवाज को सुने। आपके जीवन में वांछित परिवर्तन भी आना चाहिए। धर्म से, गुरु या किसी संत से अथवा परमात्मा से यदि आप जुड़े हैं तो आपका और भी अधिक उत्तरदायित्व हो जाता है कि आपके आचरण, स्वभाव, खानपान, वाणी, संगति  आदि और भी श्रेष्ठ हो। अपने धाराप्रवाह प्रवचनों से उन्होंने सभी को मंत्रमुग्ध व भाव विभोर कर दिया। सारा वातावरण भक्तिमय हो उठा व ”श्री गुरू महाराज”, “कामां के कन्हैया” व “लाठी वाले भैया” की जय जयकार से गूंज उठा ।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड पुलिस को बड़ी उपलब्धि : एसपी क्राइम जगदीश चंद्र समेत दो पीपीएस अधिकारी बने आईपीएस  

बताते चलें कि 5-8 मार्च महाशिवरात्रि महोत्सव व विराट धर्म सम्मेलन श्री हरि कृपा धाम आश्रम गढीनेगी काशीपुर उत्तराखंड में आयोजित होगा जिसमें सभी सप्रेम आमंत्रित हैं। 

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -

👉 हमारे समाचार ग्रुप (WhatsApp) से जुड़ें

👉 हमसे फेसबुक पर जुड़ने के लिए पेज़ को लाइक करें

👉 ख़बर सच है से टेलीग्राम (Telegram) पर जुड़ें

👉 हमारे पोर्टल में विज्ञापन एवं समाचार के लिए कृपया हमें [email protected] पर ईमेल करें या +91 97195 66787 पर संपर्क करें।

TAGS: Gadinegi news Make your life useful to the society by accepting goodness wherever you find it - Sri Hari Chaitanya Mahaprabhu Swami Hari chaitanya US nagar news Uttrakhand news

More Stories

उत्तराखण्ड

फर्जी MBBS सीट आवंटन मामला: देहरादून का सरकारी जनाधार केंद्र बंद, तीन कर्मचारी हटाए गए

ख़बर शेयर करें -

ख़बर शेयर करें –    खबर सच है संवाददाता    देहरादून। फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर एमबीबीएस सीट आवंटन के मामले में जांच तेज होने के बाद कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सरकारी जनाधार केंद्र को बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने केंद्र में तैनात तीनों कर्मचारियों को भी हटा दिया है। जांच पूरी होने के […]

Read More
उत्तराखण्ड

हल्द्वानी नर्सिंग कॉलेज में रैगिंग का आरोप, दाखिले के अगले दिन ही छात्र ने छोड़ा कॉलेज  

ख़बर शेयर करें -

ख़बर शेयर करें –      खबर सच है संवाददाता    हल्द्वानी। राजकीय नर्सिंग कॉलेज हल्द्वानी में रैगिंग का मामला सामने आया है। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर निवासी एक छात्र ने दाखिला लेने के अगले ही दिन कॉलेज छोड़ दिया। छात्र ने सीनियर छात्रों पर अभद्रता करने, गाली-गलौज करने और उन्हें ‘बॉस’ कहकर संबोधित करने का […]

Read More
उत्तराखण्ड

खाकी पर रिश्वत का दाग : ₹10 हजार लेते महिला ASI रंगे हाथ गिरफ्तार 

ख़बर शेयर करें -

ख़बर शेयर करें –  खबर सच है संवाददाता    देहरादून। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सतर्कता विभाग की टीम ने रानीपुर थाने में तैनात महिला सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) सोनिया को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने दो पक्षों के बीच विवाद का […]

Read More