When questions silenced the noise: A rare debate on God
सम्पादकीय
जब सवालों ने शोर को हराया: ईश्वर, तर्क और सभ्य संवाद की एक दुर्लभ बहस
कमल किशोर पाण्डे (उप सम्पादक) 20 दिसंबर 2025 को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई जावेद अख्तर और मुफ्ती शमाइल नदवी के बीच की बहस केवल “क्या खुदा है?” जैसे एक दार्शनिक प्रश्न तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह हमारे समय के बौद्धिक स्तर, संवाद की संस्कृति और असहमति को व्यक्त करने के […]
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