खबर सच है संवाददाता
हल्द्वानी। गोरापड़ाव में हुई सनसनीखेज डकैती के मामले में नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी ने त्वरित कार्रवाई और सटीक रणनीति के दम पर महज दो दिन में बड़ा खुलासा कर दिया। एसएसपी के सीधे पर्यवेक्षण में करीब 50 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष टीम ने दिन-रात जांच करते हुए घटना में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
19 अगस्त की शाम गोरापड़ाव में 10-12 हथियारबंद बदमाशों ने एक कार्यालय/गैराज में धावा बोलकर करीब 8 लाख रुपये नकद, 12 मोबाइल फोन, तीन सोने की चेन और अंगूठियां लूट ली थीं। घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए तत्काल पुलिस अधिकारियों को मौके पर भेजा और स्वयं घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया।
एसएसपी ने घटनास्थल पर पहुंचकर घटना के दौरान मौजूद लोगों से जानकारी ली और पूरे घटनाक्रम का रिव्यू किया। इसके बाद उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों और गठित टीमों को अलग-अलग टास्क सौंपते हुए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। मामले के शीघ्र खुलासे के लिए एसएसपी ने करीब 50 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की विशेष टीम गठित की। इसमें एसपी क्राइम/ट्रैफिक डॉ. जगदीश चन्द्र, एसपी हल्द्वानी मनोज कत्याल, एएसपी/सीओ हल्द्वानी अमित कुमार सैनी, सीओ लालकुआं विमल प्रसाद सहित थाना पुलिस, SOG, साइबर टीम, क्राइम स्पेशलिस्ट, BDS डॉग स्क्वायड और क्राइम सीन विशेषज्ञों को शामिल किया गया।
CCTV और सर्विलांस से खुली साजिश की परतें एसएसपी के निर्देश पर पुलिस टीमों ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज, सर्विलांस, गवाहों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला। पुलिस की लगातार जांच के बाद दो संदिग्धों को चिन्हित किया गया।
पूछताछ में उनकी पहचान वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू (25 वर्ष), निवासी सितारगंज और रखबीर सिंह (28 वर्ष), निवासी शीशगढ़, जिला बरेली के रूप में हुई।
जुए में हारी रकम की भरपाई के लिए रची थी डकैती
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में सामने आया कि किच्छा निवासी यश सिडाना जुए में लाखों रुपये हार चुका था। आर्थिक तंगी और जुए में हारी रकम की भरपाई के लिए डकैती की योजना बनाई गई। आरोपियों ने पहले गोरापड़ाव स्थित कार्यालय की रेकी की और फिर अन्य लोगों को साथ लेकर हथियारों के बल पर डकैती को अंजाम दिया। लूट के बाद रकम आपस में बांट ली गई, जबकि मोबाइल फोन पुलिस से बचने और डिजिटल साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से रास्ते में फेंक दिए गए।
एक आरोपी से नकदी और चार कारतूस बरामद
पुलिस ने आरोपी वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू से 31 हजार रुपये नकद और चार जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। आरोपी रखबीर सिंह का लंबा आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। वंशप्रीत के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 61(2) और 317(3) BNS की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस के अनुसार संगठित तरीके से अपराध किए जाने के आधार पर नए कानूनी प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस टीम को एसएसपी ने किया पुरस्कृत
डकैती जैसे गंभीर मामले का त्वरित खुलासा करने वाली पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने टीम को 2,500 रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया।
गोरापड़ाव डकैती के खुलासे में एसएसपी की सीधी निगरानी, त्वरित निर्णय, टीमों का बेहतर समन्वय और तकनीकी जांच पर जोर पुलिस कार्रवाई की खासियत रही। हालांकि, पुलिस अब इस वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश और पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच में जुटी है।
खास बात यह रही कि घटना के तुरंत बाद एसएसपी ने खुद मोर्चा संभाला और जांच को अलग-अलग स्तरों पर आगे बढ़ाते हुए पुलिस टीमों को लगातार दिशा-निर्देश दिए, जिसके परिणामस्वरूप मामले में तेजी से सफलता मिली।