खबर सच है संवाददाता
रुड़की। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अंबिका पंत की अदालत ने ईंट-भट्ठा मालिक अजय मलिक की हत्या में मुख्य आरोपी विपिन कुमार और अभिषेक को हत्या और आपराधिक साजिश के मामले में दोषी ठहराकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
विपिन को आर्म्स एक्ट के मामले में भी सात साल के कठोर कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई। करीब पांच साल बाद अदालत ने मामले में फैसला सुनाया है। शासकीय अधिवक्ता आलोक पुंडीर ने बताया कि 29 जून 2021 को कुमाराड़ा में मलिक ब्रदर्स ईंट-भट्ठे के कार्यालय में अजय मलिक अपने मुंशी और कर्मचारियों के साथ मौजूद थे। इसी दौरान विपिन और उसके साथ अभिषेक कार्यालय में पहुंचे और अजय मलिक पर गोलियां चला दी थी। अभियोजन के अनुसार, विपिन ने दो गोलियां और अभिषेक ने एक गोली चलाई थी। वारदात के बाद दोनों मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने मामले में हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
जांच के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल तमंचे और कारतूस भी बरामद किए गए थे। जांच आगे बढ़ने पर नाथीराम, अंकुश, अजीत, तीर्थपाल, सन्नी, निंदरपाल और पिंटू के नाम भी हत्या की साजिश में सामने आएथे।मामले में अलग-अलग आरोप पत्र दाखिल किए गए थे। अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से पेश मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों का परीक्षण किया।
अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 18 गवाहों को पेश किया गया। इनमें वादी डॉ. प्रवीण सालार, प्रत्यक्षदर्शी और पुलिस अधिकारियों के अलावा चिकित्सकीय एवं फोरेंसिक साक्ष्य भी शामिल रहे।
शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि विपिन और अभिषेक को हत्या की साजिश से जुड़े आरोप में आजीवन कारावास और 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। विपिन और अभिषेक को आर्म्स एक्ट के मामले में भी दोषी ठहराया गया। वहीं, नाथीराम, सन्नी, अजीत और अंकुश को भी साजिश से जुड़े आरोपों में दोषी ठहराकर अलग-अलग सजा दी गई। जबकि निंदरपाल, पिंटू और तीर्थपाल को संबंधित आरोपों में दोषमुक्त किया गया है।




