एक बार फिर संवैधानिक संकट की ओर उत्तराखंड – प्रीतम

ख़बर शेयर करें -

सच है संवाददाता

देहरादून। वैसे तो यह पूरा मामला चुनाव आयोग का है, लेकिन लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत राज्य में वर्तमान परिस्थितियों में कोई चुनाव नहीं हो सकता है। सीएम रावत छह माह के भीतर विधानसभा का सदस्य बनने का अवसर गंवा चुके हैं। ऐसे में उत्तराखंड में एक बार फिर संवैधानिक संकट पैदा हो सकता है। अपने आवास पर मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि वर्तमान में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत विधायक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि 9 सितंबर को छह माह पूरे हो रहे हैं। लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 151 ए के तहत, उस स्थिति में उप-चुनाव नहीं हो सकता है।

यह भी पढ़ें 👉  सफर हुआ आसान : लम्बे इंतजार के बाद रामनगर से देहरादून के बीच सीधी ट्रेन सेवा शुरू   

यह भी पढ़े।

https://khabarsachhai.com/2021/06/20/jammu-and-kashmir-will-get-stetehood-again/

प्रीतम का कहना है कि यदि चुनाव आयोग नियमों के हिसाब से चला तो चुनाव नहीं हो सकते, लेकिन यदि केंद्र या राज्य सरकार की कठपुतली बना तो फिर कुछ भी हो सकता है। लेकिन जो भी हो चुनाव आयोग को संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार ही उप चुनाव पर निर्णय लेना चाहिए। इस संबंध में  निर्वाचन आयोग का पक्ष लेने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।

यह भी पढ़ें 👉  बारिश के दौरान सड़क किनारे खेल रहे 6 वर्षीय मासूम बच्चे की नाली के 10 इंच चौड़े पाइप में फंसने से मौत 

Join our whatsapp group

https://chat.whatsapp.com/GNmgVoC0SrIJYNxO5zGt0F

Join our telegram channel:

https://t.me/joinchat/YsCEm7LVdWtiYzE1

हालांकि कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष प्रीतम सिंह पर पलटवार करते हुए उत्तराखंड सरकार के शासकीय प्रवक्ता व कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि कांग्रेस मुख्यमंत्री के उपचुनाव के बारे में चिंता न करे। संवैधानिक जनादेश को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री चुनाव लड़ेंगे।

ज्ञात रहे कि त्रिवेंद्र सिह रावत को भाजपा नेतृत्व द्वारा हटाये जाने के बाद तीरथ सिंह रावत ने 10 मार्च 2021 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। शपथ लेते समय वह विधानसभा के सदस्य नही थे और संवैधानिक बाध्यता है कि किसी भी मंत्री को शपथ लेने के 6 महीने के भीतर उसे विधायिका का सदस्य होनेा चाहिये। चूंकि उत्तराखण्ड में केवल विधानसभा का ही प्रावधान है तो तीरथ सिंह रावत को शपथ लिये जाने के 6 महीने के भीतर विधानसभा का सदस्य निर्वाचित होना चाहिये। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 151 (क) के तहत भी किसी खाली पड़ी विधानसभा का शेष कार्यकाल एक वर्ष से कम होने के कारण उपचुनाव नहीं हो सकता।

यह भी पढ़ें 👉  सीबीआई ने लोन स्वीकृत कराने के नाम पर रिश्वत वसूलने वाले शातिर जालसाज को किया गिरफ्तार

हमारे पोर्टल में विज्ञापन एवं समाचार के लिए कृपया हमें [email protected] ईमेल करें
या 91-9719566787 पर संपर्क करें ।

विज्ञापन

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -

👉 हमारे समाचार ग्रुप (WhatsApp) से जुड़ें

👉 हमसे फेसबुक पर जुड़ने के लिए पेज़ को लाइक करें

👉 ख़बर सच है से टेलीग्राम (Telegram) पर जुड़ें

👉 हमारे पोर्टल में विज्ञापन एवं समाचार के लिए कृपया हमें [email protected] पर ईमेल करें या +91 97195 66787 पर संपर्क करें।

TAGS: congress news uttarakhand news vidhansbha news

More Stories

उत्तराखण्ड

सीबीआई ने लोन स्वीकृत कराने के नाम पर रिश्वत वसूलने वाले शातिर जालसाज को किया गिरफ्तार

ख़बर शेयर करें -

ख़बर शेयर करें –      खबर सच है संवाददाता    देहरादून/काशीपुर। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने लोन स्वीकृत कराने के नाम पर रिश्वत वसूलने वाले एक शातिर जालसाज को गिरफ्तार किया है। आरोपी प्रभु दयाल, उत्तर प्रदेश के आगरा जिले का निवासी है और खुद को नई दिल्ली स्थित पशुपालन एवं डेयरी विभाग का […]

Read More
उत्तराखण्ड

मौसम विभाग द्वारा ऑरेंज अलर्ट के चलते जिलाधिकारी बागेश्वर ने मंगलवार को जनपद के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में किया अवकाश घोषित

ख़बर शेयर करें -

ख़बर शेयर करें –  खबर सच है संवाददाता  बागेश्वर। लगातार हो रही भारी बारिश के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 21 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।  इसे देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए बागेश्वर जिला प्रशासन ने एहतियातन मंगलवार को जनपद के सभी […]

Read More
उत्तराखण्ड

एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई: नकली शुगर दवा के साथ ही हिरण के सींग एवं अवैध हथियार व मशीनें बरामद

ख़बर शेयर करें -

ख़बर शेयर करें –                खबर सच है संवाददाता    ऊधमसिंह नगर। ऊधमसिंह नगर में नकली और मिलावटी दवाओं के कारोबार ने स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ-साथ सरकारी निगरानी तंत्र की भी पोल खोल दी है। बाजपुर में एसटीएफ द्वारा नकली अंग्रेजी दवाओं की फैक्ट्री पकड़े जाने के बाद अब […]

Read More