खबर सच है संवाददाता
देहरादून। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने बदरीनाथ धाम में चढ़ावे से संबंधित अनियमितताओं की शिकायतें सामने आने के बाद मामले को अत्यंत गंभीरता से लेने के बाद कहा कि समिति श्रद्धालुओं की आस्था और भगवान के चढ़ावे एवं दान की पवित्रता को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।
श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि जैसे ही मामला संज्ञान में आया, बिना किसी देरी के संबंधित कर्मचारी से स्पष्टीकरण मांगा गया और निष्पक्ष जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया। जांच समिति की प्रारंभिक आख्या में प्रथम दृष्टया अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद संबंधित कर्मचारी वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई इसलिए भी आवश्यक थी ताकि जांच पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और किसी भी प्रकार के प्रभाव से मुक्त रह सके।
बताया कि श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति भ्रष्टाचार, अनियमितता या श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े किसी भी मामले में जीरो टालरेंस की नीति पर कार्य करती है। दोषी चाहे कोई भी हो, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
समिति यह भी आश्वस्त करती है कि विस्तृत विभागीय जांच पूरी की जाएगी। यदि जांच में कोई अन्य व्यक्ति भी दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध भी नियमों के अनुसार कठोर अनुशासनात्मक एवं विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सभी श्रद्धालुओं से आग्रह करता हूं कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक या अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें। मंदिर समिति पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य कर रही है और भगवान के चढ़ावे की प्रत्येक पाई की सुरक्षा एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
श्रद्धालुओं की आस्था हमारे लिए सर्वोपरि है, और उस आस्था के साथ खिलवाड़ किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि आज देर शाम जांच समिति द्वारा आरोपी वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल के स्पष्टीकरण का अवलोकन किया जिसे संदेहास्पद माना गया।इसी आधार पर जांच होने तक आरोपी कर्मचारी को तत्काल निलंबित कर दिया गया। आरोपी कर्मचारी को बीकेटीसी ज्योर्तिमठ कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।




