उत्तराखण्ड। राज्य में सोमवार रात से लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। बारिश के चलते राज्य में दो एनएच सहित 172 सड़के बंद हो गईं, वहीं जगह -जगह पहाड़ी दरकने और मलवा आने से कई दुर्घटनाएं भी हुई है।
पिथौरागढ़ जिले में 16 सड़क मार्ग यातायात के लिए बंद हैं। इनमें 12 ग्रामीण सड़कें, दो बॉर्डर रोड और दो राज्य मार्ग शामिल हैं। कई स्थानों पर सड़कें खोलने का काम जारी है और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर जुटी हुई हैं। वहीं नैनीताल जिले में भी आज सुबह से कई मार्ग अवरुद्ध हुए है। सुबह करीब 11बजे हल्द्वानी – नैनीताल एनएच पर भुजियाघाट -ज्योलिकोट के पास मलवा आने से मार्ग बंद पड़ा है। भवाली -अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग में गरमपानी में झूला पुल के पास थुवा की पहाड़ी से मलबा आने से यातायात नौ घंटे ठप हो गया। इसके अतिरिक्त नौकुचियाताल मोटर मार्ग में पाण्डे गॉव क्षेत्र में भारी मलबा आने से सड़क बंद हो गईं, वहीं चाफी मार्ग, सलड़ी और रानीबाग में भी सड़क कई घंटो बाधित रही। विशालकाय पेड़ गिरने से हल्द्वानी -रामनगर मार्ग बाधित हो गया। भाखड़ा नदी के उफान में आने से हल्द्वानी के फतेहपुर से लगे गांवो का शहर से सम्पर्क कट गया।
जानकारी के अनुसार मंगलवार की दोपहर नैनीताल के ज्योलीकोट के नर्सरी गेट के समीप पहाड़ी में लैंड स्लाइड होने से भारी मात्रा में मलबा व बोल्डर सड़क पर गिर गए। इस दौरान वहां से गुजर रही हरियाणा के पर्यटकों की कार के ऊपर बोल्डर गिर गया। बताया जा रहा है कार में चार लोग सवार थे, आनन फानन में पर्यटकों ने कार से भागकर अपनी जान बचाई। लेकिन कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। भीमताल में दुकान के आगे खेल रही मासूम पैर फिसलने से नाले में गिर गईं, इसी दौरान उसकी नाले के तेज बहाव में बहने से मौत हो गईं। प्रेमनगर में कंडोली -बिधोली पुल के पास मंगलवार सुबह तेज बहाव में युवाओं की कारें बह गईं। जिसमें दो युवाओं और एक बच्चे की मौत हो गईं। कोटद्वार में कोल्हू नदी पार करते माँ -बेटी बह गईं, जिनका शव करीब एक किलोमीटर दूर से बरामद किया गया। अल्मोड़ा में मकान के पीछे भूस्खलन से मलवा घर में आने से कमरे में सो रहे बेटा -बेटी और माँ की मौत हो गईं। तो यहीं धार की तूनी क्षेत्र में मलबे की चपेट में आने से टिनशेड के कमरे में सो रहे दो नेपाली मजदूरों की मौत हो गईं।
पिथौरागढ़ में बारिश के कारण बीआरओ-67 का धारचूला-तवाघाट मोटर मार्ग कुलागढ़ में और बीआरओ-65 का तवाघाट-जौलजीबी मोटर मार्ग किमी 61, 65, 66, 71, 72, 73 व 86 बंद है। इनके अलावा थल-मुनस्यारी मोटर मार्ग किमी 166 तथा थल-ओगला मोटर मार्ग किमी 158 पर भी यातायात बाधित है।
ग्रामीण क्षेत्रों में कनालीछीना-पीपली मोटर मार्ग, सोबला-उमचिया, होकरा-नामिक, एलागाड़-जुम्मा, धापावैण्ड -बुई पातो, बॉसबगड़-कोटा, बॉसबगड़ -धामीगांव, कालिका-खुमती, देविसौना-गराली कूटा, मालाकोटे से लोघ, सैराघाट-बुंगेल समेत अन्य मार्ग बंद हैं। विभाग की ओर से अधिकांश मार्गों को खोलने के लिए कार्य प्रगति पर बताया गया है।
इसके साथ ही लगातार बारिश के बीच नदियों का जलस्तर भी बढ़ रहा है। धारचूला में काली नदी का जलस्तर 888.80 मीटर दर्ज किया गया, जबकि चेतावनी स्तर 889 मीटर और खतरे का स्तर 890 मीटर है। नदी का रुख बढ़ने का है। जौलजीबी में गोरा नदी 604.70 मीटर पर बह रही है। यहां चेतावनी स्तर 606.80 और खतरे का स्तर 607.80 मीटर है।मदकोट में गोरी नदी का जलस्तर 1212.40 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि चेतावनी स्तर 1214.10 और खतरे का स्तर 1215.10 मीटर है। तीनों स्थानों पर नदी का जलस्तर बढ़ने की प्रवृत्ति दर्ज की गई है।
वहीं पिथौरागढ़ क्षेत्र के चमगाड़ में सरयू नदी का जलस्तर450.10 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर 452 मीटर और खतरे के स्तर 453 मीटर से नीचे है। यहां भी नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। चमगाड़ क्षेत्र में सुबह आठ बजे तक 63 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।




