कर्क राशि में चंद्रमा के चलते 2012 जैसी ही तस्वीर उभर कर सामने आ सकती है

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मत पेटी सील हो गई अब जीत किसकी और हार किसकी यह तो आने वाला दिन ही बतायेगा, लेकिन ज्योतिष शास्त्रों का अंक गणित कह रहा कि अबकी बार फिर से 2012 जैसी ही तस्वीर उभर कर सामने आ रही है। मतलब कांग्रेस सबसे बड़े दल के रूप में उभर कर सरकार बनाने की स्थिति में रहेगी। हालांकि अंक गणित के अनुसार यह भी आवश्यक नहीं कि मुखिया हरीश रावत ही होंगे।

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यह हमारा भविष्यवाणी नहीं, लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सोमवार 14 फरवरी पुनर्वसु नक्षत्र कर्क राशि में चंद्रमा है, क्योंकि कर्क राशि और सिंह चर राशि है अथवा पृष्ठ उदय व स्त्री कारक है। 2012 में भी चुनाव 30 जनवरी को संपन्न हुआ था, जिसमें दिन सोमवार अश्विनी नक्षत्र मेष राशि मेष सत्संग एक राशि है। इस बार कर्क राशि का चंद्रमा महिला मतदाताओं को प्रभावित करेगा अर्थात महिला मतदाता निर्णायक भूमिका में रहेगी तथा लग्न कुंडली में चंद्रमा चतुर्थ भाव में राहु तथा चतुर्थ भाव का स्वामी छठे भाव में है। जिसके चलते कई विधानसभा सीटों पर जहां महिला मतदाता अधिक संख्या में है, चौंकाने वाले नतीजे देखने को मिल सकते हैं। उत्तराखंड की कुंडली में बुध की दशा 7 मई 2022 तक है। बुध उत्तराखंड की कुंडली भाव का स्वामी है जो चुनाव के समय बारहवें भाव में है। लिहाजा कई बड़े मंत्रियों तथा पक्ष-विपक्ष के बड़े चेहरों को इस चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ सकता है। सम्भतः 2017 के मुकाबले भारतीय जनता पार्टी को बहुत कम सीटें प्राप्त होती दिख रही हैं और मुख्यमंत्री भी इस बार ऐसा देखने को मिल सकता जिसका नाम भी शायद बहुत कम चर्चाओं में रहा हो। 

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