सीएए को वापस लेने की मांग को माले ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

ख़बर शेयर करें -

  

खबर सच है संवाददाता

हल्द्वानी। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) की नैनीताल जिला कमेटी की ओर से माले जिला सचिव डॉ कैलाश पाण्डेय ने भारत गणराज्य की राष्ट्रपति को सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से सीएए-एनआरसी-एनपीआर को खारिज किए जाने की मांग पर ज्ञापन भेजा।

ज्ञापन में कहा गया कि केंद्र सरकार द्वारा नागरिकता संशोधन अधिनियम ( सीएए) की नियमवाली की अधिसूचना जारी कर दी गयी है। दिसम्बर 2019 में पास किये गये भेदभावकारी और विभाजनकारी अन्यायपूर्ण नागरिकता संशोधन कानून को लागू करने वाली नियमावली की अधिसूचना 2024 चुनावों की अधिसूचना आने से ठीक पहले जारी करना एक राजनीतिक साजिश का संकेत है। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खुद सीएए की ‘क्रोनोलॉजी’ समझाते हुए कहा था कि इस कानून को लागू करने के बाद एनआरसी—एनपीआर को देशव्यापी स्तर पर लाया जायेगा जिसके माध्यम से दस्तावेज न दिखा पाने वाले नागरिकों को नागरिकता के अधिकार से वंचित कर दिया जायेगा। सीएए नागरिकों को धर्म के आधार पर बांटने के मकसद से लाया गया है, जो भ्रामक रूप से गैरमुस्लिम ‘शरणार्थियों’ को नागरिकता देने और मुसलमानों की नागरिकता छीनने, यहां तक कि देश निकाला देने, तक की बात करता है। लेकिन असम में की गयी एनआरसी की कवायद और देश में जगह—जगह चलाये जा रहे बुलडोजर ध्वस्तीकरण अभियानों से स्पष्ट हो चुका है कि आदिवासियों और वनवासियों समेत सभी समुदायों के गरीब इससे प्रभावित होंगे। महामहिम, भारत संवैधानिक रूप से एक धर्मनिरपेक्ष देश है। 1955 के नागरिकता अधिनियम में भारत का नागरिक होने के लिए धर्म का कहीं जिक्र नहीं था, लेकिन सीएए के जरिये नागरिकता को धर्म से जोड़ा जा रहा है। यह पूरी तरह से आलोकतांत्रिक और संविधान विरोधी है। देश से बाहर के कुछ धर्मों के उत्पीड़ितों को नागरिकता देने के घोषित उद्देश्य से अधिक यह देश में धर्म विशेष के नागरिकों को उत्पीड़ित करने का औज़ार बनेगा। अतः न केवल सीएए और उसकी हाल में अधिसूचित नियमावली को बल्कि आगे आने वाले पूरे पैकेज यानि सीएए-एनआरसी-एनपीआर को भी खारिज किए जाने की मांग करते हैं।

यह भी पढ़ें 👉  टाटा सूमो की टक्कर से जिला पंचायत सदस्य के पति की मौत 

भाकपा माले जिला सचिव ने इस अवसर पर कहा कि, “धर्म के आधार पर नागरिकता देश की जनता को स्वीकार नहीं है। मोदी सरकार सांप्रदायिक आधार पर सीएए और एनआरसी की इमारत खड़ी करना चाहती है। मोदी सरकार को यह नहीं भूलना चाहिए कि जिस संसदीय बहुमत की आड़ में आज वह संविधान की मूल प्रस्थापना ‘धर्मनिरपेक्षता’ से खिलवाड़ कर रही है, उसी की शपथ ले वह सत्ता में विराजमान है। महज चुनावी लाभ के लिए विभाजनकारी नागरिकता अधिसूचना को मोदी सरकार को वापस लेना चाहिए नहीं तो देश की आने वाली पीढ़ियां उसे कभी माफ नहीं करेंगी।”

लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -

👉 हमारे समाचार ग्रुप (WhatsApp) से जुड़ें

👉 हमसे फेसबुक पर जुड़ने के लिए पेज़ को लाइक करें

👉 ख़बर सच है से टेलीग्राम (Telegram) पर जुड़ें

👉 हमारे पोर्टल में विज्ञापन एवं समाचार के लिए कृपया हमें [email protected] पर ईमेल करें या +91 97195 66787 पर संपर्क करें।

TAGS: demanding withdrawal of CAA Haldwani news Male sent memorandum to President through City Magistrate Male sent memorandum to President through City Magistrate demanding withdrawal of CAA Uttrakhand news

More Stories

उत्तराखण्ड

शिक्षा विभाग में तबादला एक्सप्रेस शुरू, 1592 शिक्षक-कर्मचारियों के ट्रांसफर आदेश जारी ‘

ख़बर शेयर करें -

ख़बर शेयर करें –  खबर सच है संवाददाता  देहरादून। लंबे इंतजार के बाद शिक्षा विभाग में तबादलों का दौर शुरू हो गया है। अनुरोध के आधार पर विभाग ने 1592 शिक्षकों और कर्मचारियों के तबादले किए हैं। तबादला आदेश में संबंधित शिक्षकों और कर्मचारियों को सात दिन के भीतर प्रतिस्थानी का इंतजार किए बिना नए तैनाती […]

Read More
उत्तराखण्ड

बारिश बनी आफत : नैनीताल-काठगोदाम मार्ग पर पहाड़ी दरकरने और बोल्डर गिरने से दोनों ओर फंसे वाहन

ख़बर शेयर करें -

ख़बर शेयर करें –  खबर सच है संवाददाता  नैनीताल। लगातार बारिश के चलते नैनीताल-काठगोदाम मार्ग पर रविवार (आज) सुबह दो गांव के पास अचानक पहाड़ी दरकने से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर सड़क पर आ गिरे। देखते ही देखते पूरा मार्ग मलबे से पट गया और दोनों ओर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद […]

Read More
उत्तराखण्ड

कहासुनी से खूनी वारदात तक : गुस्से में उठी तलवार के जवाब में चले फावड़े से पत्नी की मौत

ख़बर शेयर करें -

ख़बर शेयर करें –      खबर सच है संवाददाता    हल्द्वानी। नैनीताल जिले के काठगोदाम थाना क्षेत्र के देवला तल्ला पजाया, गौलापार में आपसी विवाद के बाद पति-पत्नी के बीच हुआ झगड़ा खूनी वारदात में बदल गया। कहासुनी के दौरान तलवार लेकर पति की ओर बढ़ी पत्नी पर पति ने फावड़े के हत्थे से […]

Read More