खबर सच है संवाददाता
गढीनेगी पधारने पर श्री हरि चैतन्य महाप्रभु का हुआ भव्य स्वागत
गढीनेगी। प्रेमावतार, युगदृष्टा, श्री हरि कृपा पीठाधीश्वर एंव विश्व विख्यात संत स्वामी श्री हरि चैतन्य पुरी जी महाराज ने यहां श्री हरि कृपा धाम आश्रम में उपस्थित विशाल भक्त समुदाय को संबोधित करते हुए अपने दिव्य प्रवचनों में कहा कि संत रूपी बादलों द्वारा जो सत्संग रुपी वर्षा होती है उसमें अपने मन की कलुषता व विकारों को धोकर मन को पावन बनाना है। जैसे बादलों को देखकर मोर व पपीहा मगन हो नृत्य करने लगते हैं, तथा पीहू पीहू की धुनि लगाने लगते हैं। ऐसे ही संत व भक्तों को देखकर हमारा मन मयूर भी यदि नाचने न लग जाए, सत्संग की वर्षा में हम मन को पावन न करें तथा अपने पिया (परमात्मा) को याद न करने लगे तो इसे दुर्भाग्य ही समझना चाहिए। जगत की यथासंभव व यथासामरथ्य सेवा एवं परमात्मा से प्रेम करना चाहिए।
अपने दिव्य व ओजस्वी वाणी में उन्होंने कहा कि परमात्मा एक है उनके नाम, उपासना पद्धतियां विभिन्न हो सकते हैं हम सभी उस एक ही सर्व शक्तिमान की संतान है जो जीव मात्र का परम सुह्रदय व हितैषी है। कर्म के साथ साथ उसमें पूर्ण व दृढ़ विश्वास करो। प्रभु की कृपा निश्चय ही समस्त बन्धनों, समस्त विपत्तियों व समस्त कठिनाइयों से उबार लेगी। कहा कि कैसा भी व्यक्ति यदि प्रभू शरण में आ जाए तो वे उसे साधु या भक्त बना लेते हैं। उसे सनातन शांति मिल जाती है। उस भक्त का कभी पतन नहीं होता व उनकी कृपा सारे संकटों से अनायास ही उबार लेती है। संकट या विपत्तियों का निवारण करने के लिए बाहरी निर्दोष उपाय करने में कोई बुराई नहीं है परंतु उससे विपत्ति नाश हो ही जाएगी ये दावे से नहीं कहा जा सकता। क्योंकि उसमें अत्यंत सीमित व शुद्ध शक्ति होती है।यदि प्रयास के साथ साथ ईश्वर की महानता पर भी विश्वास हो तो निश्चय ही हम दुखों से मुक्त हो सकते हैं। अतः प्रतिकूल परिस्थितियों में जब चारों ओर केवल निराशा और घोर अंधकार ही दिखाई दे, अशांति की भयानक आँधी हो उस समय पूर्ण दृढ़ विश्वास के साथ प्रभु चिंतन करते हुए चिंताओं का परित्याग करके अपना कर्म करो। अपने सुख दुख संसारिक प्राणियों के सामने रोने के बजाय सद्गुरु या परमात्मा के सामने ही रोने चाहिए।
महाराज श्री ने कहा कि आग्रह, दुराग्रह, संग्रह, परिग्रह, निग्रह इन पांचो ग्रहों के रहते प्रभु का अनुग्रह नहीं मिलता। इन पांचो से स्वयं विचार पूर्वक ही मुक्त हो सकते हैं अन्य साधन से नहीं। दूसरों के कर्तव्य पालन की चिंता ना करके अपने कर्तव्य का पालन करें। दूसरों के बारे में सोचना ही है तो सर्वहितकारी चिंतन करें कि किसी के जीवन में अशांति, वेदना, दुख ना रहे। उन्होंने वाणी की मधुरता पर भी पर्याप्त बल दिया।
अपने धारा प्रवाह प्रवचनों से उन्होंने सभी भक्तों को मंत्र मुग्ध व भाव विभोर कर दिया सारा वातावरण भक्तिमय हो उठा व “श्री गुरु महाराज”,”कामां के कन्हैया” व “लाठी वाले भैय्या”की जय जयकार से गूँज उठा।
श्री महाराज के यहाँ श्री हरि कृपा धाम आश्रम गढीनेगी व श्री हरि कृपा आश्रम रामनगर में पधारने पर बड़ी संख्या में भक्तों ने फूल मालाएँ पहनाकर, पुष्प वृष्टि करते हुए,आरती उतारकर पूर्ण धार्मिक रीति से भव्य स्वागत किया । महाराज जी ने श्री हरेश्वर महादेव व रामनगर में श्री दिव्येश्वर महादेव का दूध, दही, शंकर, घी व शहद से महाभिषेक किया। महाराज जी के दर्शनों व दिव्य अमृत वचनों को सुनने के लिए लगातार भक्तों का ताँता लगा रहा।
आज आश्रम में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री लाल बहादुर शास्त्री एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती भी धूमधाम से मनाई गई व सभी ने उन्हें सादर नमन किया ।
कल 3 अक्टूबर प्रातः 8 बजे गढीनेगी से प्रस्थान व 8.15 करनपुर व फ़ार्म, 9.30 बजे गदरपुर, 10.20 आवास विकास 10.50 सिंह कालोनी रूद्रपुर, 11.10 इन्द्रा कालोनी 11.30 स्वागत एनक्लेव भूरारानी, 3-4 बजे सुन्दर काण्ड पाठ स्वागत एनक्लेव, 5 बजे दानपुर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार में। रात्रि प्रवास दानपुर रूद्रपुर में होगा। 4 अक्टूबर को प्रातः 8 बजे परम पूज्य महाराज जी दानपुर से प्रस्थान करेंगे। 8.30 लालपुर , 8.45 बजे किच्छा, 9.40 बजे बहेड़ी, 11 बजे के आसपास व 12.30 बजे तक बरेली, 5 बजे मोटाहल्दू हल्द्वानी पधारेंगे ।

11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक महाराज जी के पावन सानिध्य में नवरात्रि महोत्सव एंव विराट धर्म सम्मेलन का आयोजन श्री हरि कृपा आश्रम चित्रकूट रामनगर नैनीताल उत्तराखंड में होगा। जिसमें नित्य प्रातः 7 बजे व सांय 6 बजे दुर्गा पूजन होगा। 11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर दोपहर 3 से 6 बजे तक श्री महाराज जी के दिव्य प्रवचन होंगे। 20 अक्टूबर को प्रातः 7 बजे से पूजन, यज्ञ, हवन व प्रातः 10 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन कीर्तन, श्री महाराज जी के दिव्य प्रवचन, दोपहर 1 बजे से भण्डारा व सांय 5 बजे से कन्या पूजन होगा। कार्यक्रम में सभी धर्म प्रेमी जनता को सप्रेम आमंत्रित किया गया हैं।