रैली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत INDIA गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग पर निशाना साधा।
रैली को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। सुरक्षा व्यवस्था के तहत 4,000 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की कंपनियां भी तैनात की गईं। पूरे मैदान को 14 जोन में विभाजित कर निगरानी की व्यवस्था की गई। इसके अलावा 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और पुलिसकर्मियों के बॉडी कैमरों के माध्यम से भी रैली पर नजर रखी गई।
रैली को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने कहा, “हम छोड़ेंगे नहीं, हम जिंदगी दे देंगे। हमारा बंगाल लुट गया, हम दिल्ली में लोकतंत्र को बचाएंगे। हमारा इलेक्शन काउंटिंग लुट गया। हम हारे नहीं, हराए गए।”
ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पहले मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाया जाए, उसके बाद आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा। उन्होंने विभिन्न जांच एजेंसियों से स्वतंत्र रूप से काम करने की अपील करते हुए आरोप लगाया कि संस्थाओं पर राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है। अपने संबोधन में उन्होंने ‘सेव इंडिया, सेव डेमोक्रेसी’ का नारा भी दिया।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रैली को संबोधित करते हुए INDIA गठबंधन के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का स्वागत किया। उन्होंने भाजपा पर चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी करने और विपक्षी दलों के वोटों को प्रभावित करने का आरोप लगाया।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा अपनी हार का ठीकरा दूसरों पर फोड़ना चाहती है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के चुनावों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया वर्ष 2022में समाजवादी पार्टी के मतदाताओं के वोटों की चोरी की गई और पार्टी की शिकायतों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने चंडीगढ़ के घटनाक्रम और पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। अखिलेश ने कहा कि भाजपा विपक्षी दलों का मुकाबला नहीं कर पा रही है, इसलिए चुनाव आयोग का सहारा ले रही है। कहा कि अगर किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में है तो वह भारत का नागरिक है,किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए।
रामलीला मैदान को लोकतंत्र की लड़ाई का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि देश में राजनीतिक परिवर्तन की शुरुआत हो सकती है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए भाजपा को चुनौती दी। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि एक-एक लाठी का बदला लोग लेने जा रहे हैं और इसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश से होगी।
चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में आयोजित इस रैली में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत INDIA गठबंधन के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। विपक्षी दलों ने एक मंच पर आकर चुनावी पारदर्शिता, मतदाताओं के अधिकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दे उठाए। रैली के जरिए गठबंधन ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां सार्वजनिक रूप से दर्ज कराईं।