खबर सच है संवाददाता
हरिद्वार। जनपद हरिद्वार में आयुर्वेदिक औषधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा औषधि निर्माण इकाइयों में निर्धारित मानकों के अनुपालन की जांच के लिए मंगलवार (आज) भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र के लंकेश्वरी स्थित एक आयुर्वेदिक औषधि निर्माण इकाई का संयुक्त निरीक्षण किया गया। प्राप्त गोपनीय सूचना एवं शिकायतों के आधार पर राज्य औषधि अनुज्ञापन अधिकारी, डॉ मिथिलेश कुमार के पत्र के क्रम में कगई इस कार्रवाई में औषधियों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजने की प्रक्रिया अपनाई गई। साथ ही, जांच रिपोर्ट आने तक संबंधित औषधियों के शेष स्टॉक को नियमानुसार सीलबंद किया गया।
डॉ स्वास्तिक सुरेश के नेतृत्व में पहुंची संयुक्त टीम ने निदेशक आयुष, देहरादून को प्राप्त सूचना के क्रममें राज्य औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी, देहरादून के निर्देश पर संयुक्त निरीक्षण की कार्रवाई की गई।
जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी एवं औषधि निरीक्षक डॉ स्वास्तिक सुरेश के नेतृत्व में गठित टीम में डॉ अवनीश कुमार उपाध्याय, विशेषज्ञ औषधि निर्माण, डॉ भास्कर आनंद शर्मा, चिकित्सधिकारी, राम मूरत, कार्यालय सहायक तथा एएनटीएफ के उप निरीक्षक दीपक मैठाणी, औषधि निरीक्षक डॉ विनोद जगूड़ी के साथ ही अन्य संबंधित अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।
संयुक्त टीम ने औषधि निर्माण इकाई में पहुंचकर उपलब्ध दस्तावेजों, निर्माण लाइसेंस तथा संबंधित व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। पंचनामे के अनुसार, कंपनी के प्रतिनिधि की उपस्थिति में नियमानुसार निरीक्षण की कार्रवाई की गई।
प्राप्त शिकायतों के आधार पर टीम ने इकाई में निर्मित दो प्रकार की आयुर्वेदिक औषधियों के नमूने निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत लिए। नमूना संग्रहण के दौरान संबंधित प्रपत्रों पर कार्रवाई की गई तथा नमूनों के निर्धारित भाग कंपनी के प्रतिनिधि को उपलब्ध कराए गए।
जनस्वास्थ्य की दृष्टि से औषधियों की गुणवत्ता की पुष्टि के लिए नमूनों को राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, हरिद्वार भेजने की प्रक्रिया अपनाई गई।नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने तक संबंधित औषधियों के शेष स्टॉक को सीलबंद किया गया।
पंचनामे में दर्ज विवरण के अनुसार, सीलबंद स्टॉक में सिरप की पांच पेटियों में कुल 300 बोतलें, एक अन्य पेटी में 74 बोतलें तथा ऑयल की 20 शीशियां शामिल थीं। यह कार्रवाई नियमानुसार की गई तथा संबंधित प्रबंधन को आवश्यक निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान औषधि निरीक्षक डॉ विनोद जगूड़ी और आयुर्वेद विधिविशेषज्ञ डॉ भास्कर आनंद ने औषधि निर्माण इकाई के प्रबंधन को गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (GMP) के निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की हिदायत दी। उन्होंने औषधि निर्माण की प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण, अभिलेखों के रखरखाव तथा संबंधित नियामकीय प्रावधानों का अनुपालन करने के निर्देश दिए।
डॉ अवनीश कुमार उपाध्याय, विशेषज्ञ औषधि निर्माण, ने कहा कि आयुर्वेदिक औषधियों की शुद्धता, गुणवत्ता एवं मानकीकरण जन स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। औषधि निर्माण इकाइयों को निर्धारित मानकों का पालन करते हुए गुणवत्तापूर्ण औषधियों का निर्माण सुनिश्चित करना चाहिए।
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी अग्रिम कार्रवाई संयुक्त टीम ने स्पष्ट किया कि औषधि निर्माण इकाइयों में गुणवत्ता मानकों एवं संबंधित नियमों के अनुपालन की जांच के लिए निरीक्षण की कार्रवाई जारी रहेगी। संबंधित नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।