सत्संग रूपी वर्षा में मन की कलुषता व विकारों को धोना है- स्वामी श्री हरि चैतन्य महाप्रभु

ख़बर शेयर करें -

 

खबर सच है संवाददाता

हल्द्वानी। संत रूपी बादलों द्वारा जो सत्संग रुपी वर्षा होती है उसमें अपने मन की कलुषता व विकारों को धोकर मन को पावन बनाना है। जैसे बादलों को देखकर मोर व पपीहा मगन हो नृत्य करने लगते हैं, तथा पीहू पीहू की धुनि लगाने लगते हैं। ऐसे ही संत व भक्तों को देखकर हमारा मन मयूर भी यदि नाचने न लग जाए, सत्संग की वर्षा में हम मन को पावन न करें तथा अपने पिया (परमात्मा) को याद न करने लगे तो इसे दुर्भाग्य ही समझना चाहिए। जगत की यथासंभव व यथासामरथ्य सेवा एवं परमात्मा से प्रेम करना चाहिए यह उदगार यहां आदर्श नगर में पहुंचे प्रेमावतार, युगदृष्टा, श्री हरि कृपा पीठाधीश्वर स्वामी श्री हरि चैतन्य पुरी जी महाराज ने भक्तों को सम्बोधित अपने प्रवचन के दौरान कहे।

यह भी पढ़ें 👉  न्यायालय के आदेश पर मुखानी पुलिस ने किया मादक पदार्थों का विनिष्टीकर 

अपने दिव्य व ओजस्वी वाणी में महाराज श्री ने कहा कि परमात्मा एक है उनके नाम, उपासना पद्धतियां विभिन्न हो सकते हैं हम सभी उस एक ही सर्व शक्तिमान की संतान है जो जीव मात्र का परम सुह्रदय व हितैषी है। कर्म के साथ साथ उसमें पूर्ण व दृढ़ विश्वास करो। प्रभु की कृपा निश्चय ही समस्त बन्धनों, समस्त विपत्तियों व समस्त कठिनाइयों से उबार लेगी। कैसा भी व्यक्ति यदि प्रभू शरण में आ जाए तो वे उसे साधु या भक्त बना लेते हैं। उसे सनातन शांति मिल जाती है। उस भक्त का कभी पतन नहीं होता व उनकी कृपा सारे संकटों से अनायास ही उबार लेती है। संकट या विपत्तियों का निवारण करने के लिए बाहरी निर्दोष उपाय करने में कोई बुराई नहीं है परंतु उससे विपत्ति नाश हो ही जाएगी ये दावे से नहीं कहा जा सकता। क्योंकि उसमें अत्यंत सीमित व शुद्ध शक्ति होती है। यदि प्रयास के साथ साथ ईश्वर की महानता पर भी विश्वास हो तो निश्चय ही हम दुखों से मुक्त हो सकते हैं। अतः प्रतिकूल परिस्थितियों में जब चारों ओर केवल निराशा और घोर अंधकार ही दिखाई दे, अशांति की भयानक आँधी हो उस समय पूर्ण दृढ़ विश्वास के साथ प्रभु चिंतन करते हुए चिंताओं का परित्याग करके अपना कर्म करो। अपने सुख दुख संसारिक प्राणियों के सामने रोने के बजाय सद्गुरु या परमात्मा के सामने ही रोने चाहिए। 

यह भी पढ़ें 👉  "दावो की खुली पोल - ब्यवस्थाएं गोल" केवीएम कांम्प्लेक्स में बनी प्रशासनिक अब्वस्थाओं की सरस झील, 

महाराज श्री के हल्द्वानी पहुँचने पर अनेकों की संख्या में मौजूद भक्तों द्वारा फूल मालाएँ पहनाकर, आरती उतारकर पूर्ण धार्मिक रीति से भव्य व अभूतपूर्व स्वागत किया गया। कल 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष् में रूद्रपुर में होटल कंचन तारा में महाराज श्री के दिव्य प्रवचन सांय 3-6 बजे तक होंगे।

लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -

👉 हमारे समाचार ग्रुप (WhatsApp) से जुड़ें

👉 हमसे फेसबुक पर जुड़ने के लिए पेज़ को लाइक करें

👉 ख़बर सच है से टेलीग्राम (Telegram) पर जुड़ें

👉 हमारे पोर्टल में विज्ञापन एवं समाचार के लिए कृपया हमें [email protected] पर ईमेल करें या +91 97195 66787 पर संपर्क करें।

TAGS: Haldwani news In the rain of Satsang Swami hari chaitanya mahaprabhu the impurities and disorders of the mind have to be washed away - Swami Sri Hari Chaitanya Mahaprabhu Uttrakhand news

More Stories

शिक्षा-आध्यात्म

कैंची धाम के स्थापना दिवस :  बाबा नीब करौरी के दर्शन को उमड़ा भक्तों का सैलाब   

ख़बर शेयर करें -

ख़बर शेयर करें –  खबर सच है संवाददाता  नैनीताल/भवाली। प्रसिद्ध कैंची धाम के स्थापना दिवस पर सोमवार (आज) तड़के कपाट खुलने के साथ ही देश-विदेश से पहुंचे हजारों श्रद्धालु बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन के लिए कतारों में लग गए।सुबह छह बजे तक 10 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके है, वहीं अभी […]

Read More
शिक्षा-आध्यात्म

चार दिवसीय विराट धर्म सम्मेलन के बाद श्री हरि चैतन्य महाप्रभु को हज़ारों भक्तों ने दी अश्रुपूरीत विदाई 

ख़बर शेयर करें -

ख़बर शेयर करें –    खबर सच है संवाददाता    गढीनेगी। चार दिवसीय शौर्य सम्मान समारोह एंव विराट धर्म सम्मेलन धूमधाम से सम्पन्न होने के बाद आज प्रेमावतार, युगदृष्टा, श्री हरि कृपा पीठाधीश्वर स्वामी श्री हरि चैतन्य महाप्रभु जी को श्री हरि कृपा धाम आश्रम गढीनेगी से हज़ारों भक्तों ने बहुत भावपूर्ण अश्रुपूरित विदाई दी। […]

Read More
शिक्षा-आध्यात्म

चार दिवसीय विराट धर्म सम्मेलन के चौथे दिवस उमड़ा अपार जन सैलाब 

ख़बर शेयर करें -

ख़बर शेयर करें -चार दिवसीय विराट धर्म सम्मेलन के चौथे दिवस उमड़ा अपार जन सैलाब  A huge crowd gathered on the fourth day of the four-day grand religious conference, Udham Singh Nagar News, Gadinegi News, grand religious conference, Shri Hari Kripa Peethadhishwar and world famous saint Swami Hari Chaitanya Puri Ji Maharaj, 67th Shri Hari Prakatyotsav […]

Read More