खबर सच है संवाददाता
लालकुआं/रुद्रपुर। उत्तराखंड में रेलवे ट्रैक पर वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लालकुआं से रुद्रपुर की ओर जा रही बाघ एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से एक नर हाथी की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा छतरपुर-हल्दी रेलवे ट्रैक पर पिलर संख्या 55/8 के समीप हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि हाथी का एक दांत टूटकर दूर जा गिरा।
हादसा तराई केंद्रीय वन प्रभाग की रुद्रपुर रेंज के अंतर्गत हुआ। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और रेलवे की टीमें मौके पर पहुंचीं और घटनास्थल का निरीक्षण किया। हाथी जैसे विशाल वन्यजीव की ट्रेन की चपेट में आने से मौत होने के बाद रेलवे ट्रैक पर वन्यजीवों की सुरक्षा तथा ट्रेनों की गति को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर के दौरान हाथी का एक दांत टूटकर दूर जा गिरा। रेलवे प्रशासन ने दांत को सुरक्षा की दृष्टि से अपने कब्जे में ले लिया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद हाथी का दांत वन विभाग को सौंपा जाएगा।
वन विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, मृत नर हाथी के शव का बुधवार सुबह 11 बजे विशेषज्ञ डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम किया जाना निर्धारित है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव का नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा।
इस दर्दनाक हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि ट्रेन निर्धारित गति सीमा के भीतर चल रही थी या नहीं। वन विभाग इस पहलू की जांच कर रहा है। जांच के दौरान हादसे की परिस्थितियों और ट्रेन की गति से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।
फिलहाल हाथी की मौत से वन्यजीव संरक्षण को लेकर चिंता बढ़ गई है। अब जांच के निष्कर्षों पर नजर रहेगी, जिससे हादसे के कारणों का पता चल सके और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।




