गैरसैंण। खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वह बुधवार को सदन में अपना इस्तीफा देंगे। उमेश कुमार ने विपक्ष पर भ्रष्टाचार और किसानों की समस्याओं के मुद्दे पर साथ नहीं देने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि साढ़े चार साल तक उन्होंने विपक्ष के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष किया, लेकिन जब हरिद्वार के किसानों और प्रदेश में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर समर्थन की जरूरत पड़ी तो विपक्ष पीछे हट गया।
मीडिया से बातचीत में उमेश कुमार ने कहा कि खानपुर की जनता ने उन्हें निर्दलीय विधायक के रूप में चुनकर विधानसभा भेजा था। उन्होंने आरोप लगाया कि साढ़े चार साल के दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने और किसानों की लड़ाई लड़ने के लिए उन्होंने कई बार विपक्ष से उम्मीद की, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी। उन्होंने कहा कि विपक्ष के मुद्दों पर सदन में वेल में बैठने से लेकर रात में सदन के भीतर उनके साथ रहने तक उन्होंने हर स्तर पर साथ दिया, लेकिन विपक्ष उनके मुद्दों पर मजबूती से खड़ा नहीं हुआ।
उमेश कुमार ने हरिद्वार के किसानों की समस्याओं को उठाते हुए इकबालपुर शुगर मिल पर करीब 118 करोड़ रुपये का भुगतान दो साल से बकाया होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि भुगतान नहीं होने के कारण किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। कई किसानों की बीमारी के दौरान इलाज के लिए पैसे नहीं मिल पाए। उन्होंने वर्ष 2023 की आपदा का जिक्र करते हुए कहा कि हरिद्वार जनपद में बाढ़ से फसलें बर्बाद हो गई थीं, लेकिन इसके बाद भी किसानों को राहत नहीं मिली। किसानों की आरसी काटे जाने, किसान क्रेडिट कार्ड के ब्याज में राहत नहीं मिलने और बिजली के बकाया बिल माफ नहीं होने से जुड़ी समस्याओं को भी उन्होंने उठाया।
निर्दलीय विधायक ने कहा हर किसी को अच्छी सड़कें, भ्रष्टाचार मुक्त शासन और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं चाहिएं, लेकिन इन मुद्दों पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि हर कोई चाहता है कि भगत सिंह पड़ोसी के घर में पैदा हों। उमेश कुमार ने स्पष्ट किया कि वह कांग्रेस में नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह ऐसे नेताओं के नारे नहीं लगा सकते, जिनके खिलाफ वह पहले आवाज उठाते रहे हैं। उन्होंने भाजपा में शामिल होने की संभावनाओं को लेकर भी सवाल उठाए।
उमेश कुमार ने कहा यदि ईश्वर ने चाहा तो अगली बार वह अपने साथ दो-चार और लोगों को लेकर सदन में पहुंचेंगे, ताकि किसानों, भ्रष्टाचार और जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया जा सके। उनकी पत्नी ने हाल ही में जन निर्माण पार्टी का गठन किया है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उमेश कुमार आगामी विधानसभा चुनाव में इसी पार्टी के बैनर तले चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। हालांकि, उनकी अगली राजनीतिक रणनीति को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।




