हल्द्वानी। लंबित पड़े मामलों का समय से निस्तारण नहीं होने पर एसएसपी नैनीताल ने आदेश कक्ष में विवेचकों को जमकर फटकार लगाई, साथ ही चार विवेचकों के खिलाफ सख्त कार्यवाई की है। एसएसपी ने दो दरोगाओं को निलंबित के आदेश दिये जबकि दो दरोगाओं को लाइन हाजिर किया है। बुधवार को एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने आदेश कक्ष में विवेचकों की समीक्षा बैठक कर सख्त दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने विवेचनाओं को लंबित रखने पर फटकार लगाते हुए सभी विवेचकों को सख्त निर्देश दिए कि वे गुमशुदगी की विवेचनाओं में गंभीरता से कार्य करें और विवेचनाओं को अकारण लंबित न रखें। कहा कि लापरवाही करने पर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। एसएसपी ने अपने अधीनस्थों को भी निर्देश दिए कि वे विवेचनाओं का प्रभावी पर्यवेक्षण करें और विवेचकों को विवेचना अकारण लंबित रखने पर अनुस्मारक भेजें। न्यायालयों में गवाही देने के लिए उपस्थित नहीं होने वाले सरकारी कर्मियों/विवेचकों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान विवेचना में लापरवाही बरतने पर उपनिरीक्षक हरजीत सिंह राणा और अपर उपनिरीक्षक सत्यपाल सिंह को निलंबित किया, जबकि उपनिरीक्षक मोहम्मद युनुस और उपनिरीक्षक तारा सिंह राणा को लाइन हाजिर कर दिया गया। इसके साथ ही सभी विवेचकों को हिदायत दी गई कि विवेचना में लापरवाही करने पर संबंधित की जवाबदेही तय की जाएगी। आदेश कक्ष में एसपी क्राईम / ट्रैफिक नैनीताल डा. जगदीश चंद्र, लालकुआं सीओ दीपशिखा अग्रवाल, हल्द्वानी सीओ नितिन लोहनी, रामनगर सीओ सुमित पांडे सहित जिले के सभी विवेचन मौजूद रहे।




