खबर सच है संवाददाता
बेरीनाग। बारिश के बीच उफनते बरसाती नाले में स्कूटी रपटने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी घायल हो गया।
जानकारी के अनुसार, सोमेश्वर तहसील के तिलौड़ा और नैनोली गांव निवासी दो युवक किराये की स्कूटी संख्या यूके-01-आईटीए -4789 से दो दिन पहले घूमने निकले थे। रविवार रात करीब नौ बजे घर लौटते समय बरड़ बैंड के पास बारिश के कारण उफन रहे चमकी नाले में उनकी स्कूटी फिसल गई। देखते ही देखते दोनों युवक स्कूटी समेत तेज बहाव में बह गए।
हादसे में स्कूटी चला रहे तिलौड़ा गांव निवासी हिमांशु नयाल (19) पुत्र शिवपाल नयाल करीब 150 फीट नीचे गिरकर लापता हो गए। वहीं, पीछे बैठे नैनोली गांव निवासी गौरव कुमार (18) पुत्र गिरीश राम करीब 20 फीट नीचे जा गिरे। इस दौरान गौरव ने हाथ आए एक पत्थर को पकड़ लिया, जिससे उनकी जान बच गई। होश में आने के बाद गौरव ने हिम्मत जुटाई और किसी तरह सड़क तक पहुंचे। इसके बाद उन्होंने डायल 112 पर फोन कर पुलिस को हादसे की सूचना दी। सूचना पर रात करीब 9:20 बजे थानाध्यक्ष गणेश दत्त भट्ट के नेतृत्व में थल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और रात करीब दो बजे तक खोजबीन की, लेकिन अंधेरा होने के कारण लापता युवक का पता नहीं चल सका। घायल गौरव को रात में ही गोचर स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।
सोमवार (आज) सुबह छह बजे थल पुलिस और अस्कोट से पहुंची टीम ने आपदा बचाव दल की मदद से दोबारा सर्च अभियान शुरू किया। काफी तलाश के बाद हिमांशु नयाल सड़क से करीब 200 फीट नीचे पत्थरों के बीच मिले। रेस्क्यू कर उन्हें सड़क तक लाया गया और अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घायल गौरव कुमार ने बताया कि वे अल्मोड़ा से किराये पर स्कूटी लेकर दारमा वैली घूमने निकले थे। लौटते समय बारिश के कारण बरसाती नाला उफान पर था। नाले के तेज बहाव का अंदाजा नहीं लग पाने के कारण स्कूटी फिसल गई और दोनों बहने लगे। गौरव के मुताबिक, करीब 20 फीट नीचे गिरने के बाद उन्होंने एक पत्थर पकड़ लिया। होश आने पर उन्होंने हिम्मत जुटाई और किसी तरह सड़क तक पहुंचकर पुलिस को सूचना दी।
हादसे में गौरव के सिर, कंधे और कमर में चोटें आई हैं। गोचर अस्पताल के चिकित्सक के अनुसार, उनकी हालत अब ठीक है और कुछ घंटे बाद उन्हें घर भेजने की तैयारी थी। हिमांशु बीए के छात्र थे, जबकि गौरव बीसीए की पढ़ाई कर रहे हैं।
हिमांशु नयाल अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। उनकी एक बहन है। उनके पिता किसान हैं, जबकि माता गांव की ग्राम प्रधान हैं। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। घटना से गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई।
थल थाना पुलिस ने शव का पंचनामा भरने और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उसे जिला मुख्यालय भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सर्च अभियान में थानाध्यक्ष गणेश दत्त भट्ट, एसआई दिनेश शर्मा, एसआई विनोद भट्ट, एसआई दीपक लेखक, हेड कांस्टेबल राजेश, प्रेम पुरी, नवीन राणा और जगदीश मारकूना शामिल रहे। अस्कोट के एसआई रवि रावत के नेतृत्व में पहुंची एसडीआरएफ की टीम ने भी बचाव अभियान में सहयोग किया। स्थानीय स्तर पर अर्जुन सिंह रावत, कुणाल बिष्ट और मनीष चंद ने भी अभियान में मदद की।




