केदारनाथ उपचुनाव के मद्देनजर पूरी रौ में नजर आए मुख्यमंत्री धामी, राज्य और केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाने के साथ कांग्रेस के आरोपों का भी दिया दो टूक जवाब
चंद्रापुरी। केदारनाथ उपचुनाव के मद्देनजर चंद्रापुरी में आयोजित भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित जाति सम्मेलन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने भाषण के दौरान पूरी रौ में नजर आए। तकरीबन आधा घंटे के भाषण में उन्होंने केदारनाथ क्षेत्र के लिए न सिर्फ अपनी और केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाईं बल्कि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के आरोपों का दो टूक जवाब भी दिया। क्षेत्रवाद (गढ़वाल-कुमाऊं), केदारनाथ की यात्रा को कैंचीधाम की ओर मोड़े जाने और केदारनाथ मंदिर से दिल्ली शिला ले जाने के आरोपों का सिलसिलेवार जवाब भी दिया। उन्होंने बाबा केदार की सौगंधखाकर कहा कि उन्होंने कभी ऐसा नहीं किया। धामी ने पूरा खम ठोककर अपनी बात कही और तमाम मसलों को लेकर कांग्रेस के नेताओं का नाम लेकर उनको कठघरे में खड़ा किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धानी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के पास चुनाव लड़ने के लिए कोई मुद्दे नहीं हैं। कांग्रेस के नेता मुझ पर झूठे आरोप लगाते हुए अफवाह फैला रहे हैं। यह सही है कि उत्तराखण्ड के प्रवासी कुछ भाइयों के आग्रह पर में दिल्ली में केदारनाथ मंदिर के शिलान्यास समारोह में गया था। बाद में जब मुझे पता चला तो मैने तत्काल कैबिनेट बुलाकर चारधाम के नाम से कोई मंदिर न बनाए जाने को लेकर कड़ा कानून बनवाया। लेकिन हरीश रावत और गणेश गोदियाल जवाब दें कि क्याउनके कार्यकाल में उन्होंने मुंबई में बदरीनाथ मंदिर का शिलान्यास किया या नहीं ? चारधाम के नाम का इस्तेमाल को लेकर कानून क्यों नहीं बनाया ? कहा कि जब भी राज्य में कोई दैवीय आपदा आती है तो वह तत्काल ग्राउंड जीरो पर पहुंचते हैं। बीते 31 जुलाई को जब केदारनाथ में आपदा आई थी तो सूचना मिलते ही दिन के 12 बजे वह प्रभावितों के बीच पहुंच गए थे। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और कुछ विधायकों के साथ मौके पर मौजूद रहकर उन्होंने पूरे सरकारी तंत्र को बचाव और राहत कार्य में झोंक दिया। 16 हजार से ज्यादा यात्रियों को बाहर निकाल कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। लेकिन क्या कांग्रेस के साथी इस बात का जवाब देंगे कि 2013/14 की आपदा के वक्त उनकी सरकार ने प्रभावितों को उनके हाल पर क्यों छोड़ दिया था ? उनके शहजादे भी विदेश दौरे पर निकल गए थे।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कोई भी यात्री जब चारधाम के दर्शन करने आते हैं तो एक साल या छह माह पूर्व अपना कार्यक्रम बना लेता है, ऐसे में क्या कोई उनकी यात्रा को डायवर्ट कर सकता है। यह सिर्फ कांग्रेस का प्रोपेगैंडा है। यहां केदारघाटी के लोग भोले भाले जरूर हैं लेकिन जागरूक हैं, वो कांग्रेस के बईमान नेताओं के कहने पर बंटेंगे नहीं एकजुट रहेंगे। धामी ने कहा कि समाज को बांटने वाली कांग्रेस ने अनुसूचित जाति के भाइयों के लिए कभी कुछ नहीं किया, ऐसी कांग्रेस को जड़ से उखाड़ फेंकने का वक्त आ गया है।
ख़बर शेयर करें – खबर सच है संवाददाता रामनगर। प्रेमावतार, युगदृष्टा, श्री हरि कृपा पीठाधीश्वर व विश्व विख्यात संत स्वामी श्री हरि चैतन्य पुरी जी महाराज ने आज यहाँ श्री हरिकृपा आश्रम में उपस्थित विशाल भक्तसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि युगों युगों से मानव मात्र को प्रेम, एकता व सदभाव के […]
ख़बर शेयर करें – खबर सच है संवाददाता हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को हल्द्वानी में आयोजित उत्तराखंड प्रांतीय व्यापारी सम्मेलन का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। प्रदेशभर से पहुंचे व्यापारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारी प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। रोजगार सृजन, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने […]
ख़बर शेयर करें – खबर सच है संवाददाता नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) में कनिष्ठ अभियंताओं के पदों पर नई भर्ती प्रक्रिया को लेकर अहम आदेश दिया है। न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकल पीठ ने 30 जुलाई 2026 को जारी नए भर्ती अधियाचन के क्रियान्वयन पर फिलहाल रोक लगा दी है। इस फैसले […]