ब्यवहारिक एवं उद्देश्यपूर्ण हो पत्रकारिता।

ख़बर शेयर करें -

मनोज कुमार पाण्डे (सम्पादक) “खबर सच है”

मित्रों “खबर सच है” का आज का यह आलेख आपके सम्मुख है। आज हजारों की संख्या में समाचार पत्र एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म खबरों का प्रकाशन कर रहे। उनमें से बहुत कम ऐसे है जिन्होंने समाचार पत्र को ब्यवसाय एवं पत्रकारिता को बिकाऊ न बनाते हुए इसकी वास्तविक उपयोगिता एवं सार्थकता का परिचय दिया है। हमने भी यथा नाम तथा गुण, जैसा की हमारा स्लोगन है – ‘सत्य एवं संघर्ष को समर्पित’ के अनुरूप जनता की आवाज बनकर एक नए युग की नई पहल (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ समाज में जागृति का संदेश पहुँचाने का अपना प्रयास निरन्तर जारी रखा है।
आध्यात्म, योग, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति, राजनीति एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़ा “खबर सच है” का डिजिटल प्लेटफॉर्म समाज के प्रत्येक पहलू एवं हर वर्ग की जानकारी प्रस्तुत करने के साथ साथ-साथ धर्मसत्ता, राजसत्ता व देश-विदेश की घटनाओं व गतिविधियों को भी आप तक पहुँचाने का निरन्तर प्रयास करता रहा है।

ये भी पढ़ें।

https://khabarsachhai.com/2021/05/23/jan-jan-jagriti-se-parvati-rajya-ka-vikas-sambhav/

आज चारो तरफ जो तरह-तरह का भ्रष्टाचार, काले-धन्दे, हिंसा-मारधाड़ और मूल्यहीनता का वातावरण छा रहा है, उसे ब्यवसायिक होती पत्रकारिता का ओछा और असंगत प्रभाव ही माना जा सकता है। हम सबका कर्तब्य है कि हम हीन भावनाओं को जगाने और कोरे सपने बेचने वाले पत्रकारिता के इस ब्यवसायिकरण का पूर्ण बहिष्कार करें। ध्यान रहे, देश रहेगा तो ही हम रहेंगे। हमारे सभी प्रकार के स्वार्थ, हमारे सुख-दुःख आदि तभी रह और पूरे हो सकते है जब हमारा देश हमारा ही बना रहेगा। उस पर हमारा राजनीतिक, आर्थिक, बौद्धिक, मानसिक सभी तरह का अपना अधिकार रहेगा। देश को बनाने वाले मुख्य तत्व होते है – भूमि, उस पर रहने वाला जनसमुदाय, उस जनसमुदाय की अपनी सभ्यता एवं संस्कृति।


“खबर सच है” का उद्देश्य भी पत्रकारिता के सच्चे स्वरूप को सामने रखते हुए देश के कर्णधारों, महान विचारकों और मनीषियों के मार्गदर्शन से राष्ट्र की प्राचीन, गौरवशाली, शक्तिशाली, समृद्धशाली सभ्यता-संस्कृति और पहचान को बनाए रखना है। हमारे इस अभूतपूर्व प्रयास में हमारे पाठकों, सहयोगियों, व्यपारिक एवं सामाजिक संस्थाओं के साथ जनप्रतिनिधियों का भी निरन्तर सहयोग एवं सुझाव हमें मिलते रहे है। हमें उम्मीद ही नहीं वरन विश्वास भी है कि उन्नत एवं आदर्श भारत में बाधा बनकर राष्ट्र को अंदर ही अंदर खोखला करने वालों के खिलाफ हम एकजुट होकर उन्हें बेनकाब करने में जरूर सफल होंगे।

हमारे पोर्टल में विज्ञापन एवं समाचार  के लिए कृपया हमें [email protected] ईमेल करें
या 91-9719566787 पर संपर्क करें ।

Join our whatsapp group

https://chat.whatsapp.com/GNmgVoC0SrIJYNxO5zGt0F

विज्ञापन

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -

👉 हमारे समाचार ग्रुप (WhatsApp) से जुड़ें

👉 हमसे फेसबुक पर जुड़ने के लिए पेज़ को लाइक करें

👉 ख़बर सच है से टेलीग्राम (Telegram) पर जुड़ें

👉 हमारे पोर्टल में विज्ञापन एवं समाचार के लिए कृपया हमें [email protected] पर ईमेल करें या +91 97195 66787 पर संपर्क करें।

TAGS: article on journalism Ethical news Journalism news article news in hindi Real news Uttrakhand news

More Stories

सम्पादकीय

बरसे मेघा तो दिल खुश हो गया …   

ख़बर शेयर करें -

ख़बर शेयर करें –  तप रही थी धरती और ब्याकुल लोग उम्मीद कर रहे थे कि बरसे मेघा। इसी बीच आज काले-घने बादलों का घिर आना, ठंडी हवाओं का चलना और पहली बारिश की सोंधी महक आते ही तन और मन का झूम उठना, मानो ऐसा लग रहा था कि सावन आया झूम के….   हालांकि […]

Read More
सम्पादकीय

जब सवालों ने शोर को हराया: ईश्वर, तर्क और सभ्य संवाद की एक दुर्लभ बहस 

ख़बर शेयर करें -

ख़बर शेयर करें –  कमल किशोर पाण्डे (उप सम्पादक)   20 दिसंबर 2025 को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई जावेद अख्तर और मुफ्ती शमाइल नदवी के बीच की बहस केवल “क्या खुदा है?” जैसे एक दार्शनिक प्रश्न तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह हमारे समय के बौद्धिक स्तर, संवाद की संस्कृति और असहमति को […]

Read More
सम्पादकीय

घुघुति त्यार और कौवे की पुकार : कुमाऊँ का लोकबोध

ख़बर शेयर करें -

ख़बर शेयर करें –        कमल किशोर पाण्डे  (उप सम्पादक) “खबर सच है”      कुमाऊँ की पर्व-परंपराएँ केवल तिथि-आधारित उत्सव नहीं हैं, वे प्रकृति, ऋतु और जीवन के साथ मनुष्य के संवाद की जीवंत अभिव्यक्ति हैं। मकर संक्रांति, जिसे कुमाऊँ अंचल में उत्तरायणी या घुघुति त्यार कहा जाता है, इसी संवाद का […]

Read More