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मनोज कुमार पाण्डे (सम्पादक) “खबर सच है”

मित्रों “खबर सच है” का आज का यह आलेख आपके सम्मुख है। आज हजारों की संख्या में समाचार पत्र एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म खबरों का प्रकाशन कर रहे। उनमें से बहुत कम ऐसे है जिन्होंने समाचार पत्र को ब्यवसाय एवं पत्रकारिता को बिकाऊ न बनाते हुए इसकी वास्तविक उपयोगिता एवं सार्थकता का परिचय दिया है। हमने भी यथा नाम तथा गुण, जैसा की हमारा स्लोगन है – ‘सत्य एवं संघर्ष को समर्पित’ के अनुरूप जनता की आवाज बनकर एक नए युग की नई पहल (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ समाज में जागृति का संदेश पहुँचाने का अपना प्रयास निरन्तर जारी रखा है।
आध्यात्म, योग, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति, राजनीति एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़ा “खबर सच है” का डिजिटल प्लेटफॉर्म समाज के प्रत्येक पहलू एवं हर वर्ग की जानकारी प्रस्तुत करने के साथ साथ-साथ धर्मसत्ता, राजसत्ता व देश-विदेश की घटनाओं व गतिविधियों को भी आप तक पहुँचाने का निरन्तर प्रयास करता रहा है।

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आज चारो तरफ जो तरह-तरह का भ्रष्टाचार, काले-धन्दे, हिंसा-मारधाड़ और मूल्यहीनता का वातावरण छा रहा है, उसे ब्यवसायिक होती पत्रकारिता का ओछा और असंगत प्रभाव ही माना जा सकता है। हम सबका कर्तब्य है कि हम हीन भावनाओं को जगाने और कोरे सपने बेचने वाले पत्रकारिता के इस ब्यवसायिकरण का पूर्ण बहिष्कार करें। ध्यान रहे, देश रहेगा तो ही हम रहेंगे। हमारे सभी प्रकार के स्वार्थ, हमारे सुख-दुःख आदि तभी रह और पूरे हो सकते है जब हमारा देश हमारा ही बना रहेगा। उस पर हमारा राजनीतिक, आर्थिक, बौद्धिक, मानसिक सभी तरह का अपना अधिकार रहेगा। देश को बनाने वाले मुख्य तत्व होते है – भूमि, उस पर रहने वाला जनसमुदाय, उस जनसमुदाय की अपनी सभ्यता एवं संस्कृति।

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“खबर सच है” का उद्देश्य भी पत्रकारिता के सच्चे स्वरूप को सामने रखते हुए देश के कर्णधारों, महान विचारकों और मनीषियों के मार्गदर्शन से राष्ट्र की प्राचीन, गौरवशाली, शक्तिशाली, समृद्धशाली सभ्यता-संस्कृति और पहचान को बनाए रखना है। हमारे इस अभूतपूर्व प्रयास में हमारे पाठकों, सहयोगियों, व्यपारिक एवं सामाजिक संस्थाओं के साथ जनप्रतिनिधियों का भी निरन्तर सहयोग एवं सुझाव हमें मिलते रहे है। हमें उम्मीद ही नहीं वरन विश्वास भी है कि उन्नत एवं आदर्श भारत में बाधा बनकर राष्ट्र को अंदर ही अंदर खोखला करने वालों के खिलाफ हम एकजुट होकर उन्हें बेनकाब करने में जरूर सफल होंगे।

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