खबर सच है संवाददाता
उत्तरकाशी। यहा केदारताल ट्रेक पर लापता ट्रेकरों की तलाश में चलाए जा रहे अभियान के दौरान बुधवार सुबह दो और शव बरामद हुए। इसके साथ ही हादसे में मृतकों की संख्या चार हो गई है, जबकि स्थानीय गाइड सिद्धार्थ राणा समेत चार अन्य की तलाश अभी जारी है।बरामद शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल उत्तरकाशी लाया जा रहा है।
मंगलवार को भी रेस्क्यू टीम ने दो ट्रेकर के शव बरामद किए थे। हेलीकॉप्टर से केदारताल पहुंची प्रशासन की दस सदस्यीय टीम को बर्फ में दबे टेंट से करीब 200 से 250 मीटर नीचे शव मिले थे। बर्फ में दबे शवों को निकालने में टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि, शवों की पहचान नहीं हो सकी थी। खराब मौसम के चलते टीम को अभियान रोककर बेस कैंप लौटना पड़ा।
लापता लोगों की तलाश के लिए प्रशासन ने एसडीआरएफ और निम की दस सदस्यीय टीम को हेलीकॉप्टर से केदारताल ट्रेक पर उतारा था। इससे पहले गंगोत्री नेशनल पार्क और गढ़वाल हिमालय माउंटेनियरिंग एंड ट्रेकिंग एसोसिएशन की नौ सदस्यीय टीम पैदल भोजखड़क पहुंची थी। दोनों टीमों ने सोमवार से खोज अभियान शुरू किया।
इस दौरान केदारखड़क और भोजखड़क के बीच बर्फ में दबा टेंट, बैग, कपड़े, चप्पलें और राशन आदि बरामद हुआ था। टीम ने दो से तीन किलोमीटर के दायरे में सघन खोजबीन की, लेकिन लापता लोगों का पता नहीं चल सका। बर्फबारी और खराब मौसम के कारण अभियान रोकना पड़ा।
ज्ञात हो कि सोल सीकर ट्रेकिंग एजेंसी का 12 सदस्यीय दल 27 अक्टूबर को गंगोत्री से 26 किलोमीटर लंबे केदारताल ट्रेक पर रवाना हुआ था।इसमें एक गाइड, सात ट्रेकर और चार सपोर्ट स्टाफ सदस्य शामिल थे। दल की वापसी 29 अक्टूबर को निर्धारित थी।
दल के वापस नहीं लौटने पर एजेंसी ने बचाव टीम भेजी। रास्ते में कुक और पोर्टर सहित चार लोग सुरक्षित मिले, जबकि स्थानीय गाइड सिद्धार्थ राणा और सात ट्रेकर लापता हो गए। प्रशासन ने शनिवार और रविवार को हेलीकॉप्टर से खोज अभियान चलाया, लेकिन सफलता नहीं मिली। अब रेस्क्यू टीमें शेष चार लोगों की तलाश में जुटी हैं।




