खबर सच है संवाददाता
लालकुआं। कामरेड आनंदी जोशी बिंदुखत्ता आंदोलन के शुरुआती दौर से लेकर सभी आंदोलनों में हमेशा सक्रियता से भागीदारी करने वाले साथियों में शामिल रहीं, कल दोपहर बाद उनका निधन हो गया वे लगभग 92 साल की थीं। आज बिंदुखत्ता की भाकपा माले की सबसे वरिष्ठ सदस्य कामरेड आनंदी जोशी को पार्टी लाल झंडा ओढ़ाकर लाल सलाम के नारों के साथ अंतिम विदाई दी गई।
वरिष्ठ माले नेता बहादुर सिंह जंगी ने बताया कि, भाकपा माले द्वारा संचालित हर आंदोलन में बिंदुखत्ता,लालकुआं, हल्द्वानी, नैनीताल से लेकर लखनऊ, देहरादून, दिल्ली तक हर एक आंदोलन में आनंदी जोशी संघर्ष की शामिल रहीं। जब कोई आंदोलन न भी हो तब भी कामरेड आनंदी लाठी टेकते हुए पार्टी ऑफिस साथियों के हालचाल लेने पहुंच जाती थीं और बुलंद आवाज में लाल सलाम करते हुए पूरी गर्मजोशी से हाथ मिलाती थीं। इधर के कुछ सालों से जब वे अधिक बीमार रहने लगीं तब से ही उनका आंदोलन में आना जाना बंद हुआ। आनंदी जोशी जैसे अनगिनत साथियों के संघर्ष, समर्पण और गर्मजोशी की वज़ह से ही बराबरी पर आधारित समाज बनाने का संघर्ष जारी है और जारी रहेगा।
कामरेड आनंदी जोशी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए 16 मई को “स्मृति सभा” का आयोजन दोपहर बाद 3 बजे से उनके निवास के प्रांगण में किया जाएगा।
उनकी अंतिम यात्रा में परिजनों, ग्रामवासियों के साथ ही भाकपा माले के वरिष्ठ नेता बहादुर सिंह जंगी, आनंद सिंह नेगी, डॉ कैलाश पाण्डेय, के के बोरा, विमला रौथाण, किशन बघरी,एडवोकेट कैलाश जोशी, प्रकाश फुलोरिया, भुवन जोशी, पुष्कर दुबड़िया, आनंद सिंह सिजवाली, चन्द्रशेखर भट्ट, ललित मटियाली, बिंदुखत्ता व्यापार संघ के अध्यक्ष प्रभात पाल, बिशन दत्त जोशी, निर्मला शाही, दान सिंह मेहरा, चंदन राम, मदन धामी, धीरज कुमार,एडवोकेट एसडी जोशी, अंबा दत्त बसखेती, ललित जोशी, कमल जोशी, अनीता अन्ना, उत्तम दास, उमेश बैठा आदि समेत बड़ी संख्या में भाकपा माले कार्यकर्ता शामिल रहे।