प्रेसवार्ता में नेशनल हेराल्ड प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ राजनीति से प्रेरित मामला अदालत में टिक नहीं सका, जिससे जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप एक बार फिर सामने आया है। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए कहा कि सत्य की जीत हुई है और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
कहा कि जब राहुल गांधी ने BJP सरकार की ‘चोट चोरी का पूरी तरह से पर्दाफाश किया, तो मोदी सरकार के पास झूठ और प्रपंच फैलाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा। तथ्य खत्म हो गए, तो BJP नाटक करने लगी चुनिंदा मुकदमे,बार-बार आरोप लगाना और राजनीतिक विरोधियों को हमेशा ट्रायल में रखने की बेताब कोशिशें। एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट BJP की धमकाने वाली एजेंसी बनकर रह गई है। यह फैसला BJP के संस्थाओं के गलत इस्तेमाल को सामने लाता है, और यह दिखाता है कि कैसे सरकारी ताकत का इस्तेमाल राजनीतिक हिसाब बराबर करने के लिए किया जा रहा है।
सालों से मोदी-शाह सरकार ने गांधी परिवार को परेशान करने के लिए ED, CBI और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को एक साथ लगा रखा है। फिर भी, लगातार दबाव, धमकी और मीडिया ट्रायल के बावजूद, कांग्रेस पार्टी और उसके नेता झुके नहीं हैं क्योंकि वे सच के साथ खड़े हैं। कांग्रेस पार्टी इस तानाशाही हमले से लड़ने का अपना इरादा दोहराती है। कोई भी धमकी सच को चुप नहीं करा सकती। पावर का कोई भी गलत इस्तेमाल इंसाफ़ को हरा नहीं सकता। पार्टी नेताओं ने दो टूक कहा कि मनरेगा और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर किसी भी हमले का विरोध सड़क से लेकर संसद तक किया जाएगा।
प्रेसवार्ता में हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश, महानगर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट, जिलाध्यक्ष राहुल चिमवाल, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष खष्टी बिष्ट, पूर्व महानगर अध्यक्ष हरीश मेहता, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष हेमन्त बगड़वाल, नरेश अग्रवाल, मलय बिष्ट, गोविंद बगड़वाल, संजय किरौला, महेश कांडपाल, हेमन्त पाठक सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।