खबर सच है संवाददाता
हल्द्वानी/लालकुआं। उत्तराखण्ड के लोक पर्व मकर संक्रांति के उपलक्ष में आयोजित उत्तरायणी कौतिक (घुघतिया त्यार) पर आज हल्द्वानी एवं लालकुआं में सांस्कृतिक रंग बिखेरती परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में क्षेत्र की सैकड़ो महिलाएं और पुरुष कुमाऊँनी पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर शामिल हुए। शोभायात्रा के दौरान जहां लोगो ने झांकियों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया, वहीं स्थानीय ब्यापारी, राजनीतिक संगठनों के साथ प्रेस क्लब हल्द्वानी ने भी शोभायात्रा मार्ग पर स्टॉल लगाकर शोभायात्रा में सम्मिलित लोगो का स्वागत एवं फल आदी वितरित किया।
शोभायात्रा में उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति को दर्शाती विभिन्न झांकियों ने जहां दर्शकों को भाव-विभोर किया, वहीं बाहर से आए कलाकारों ने लोकनृत्य, ढोल-दमाऊ, झोड़ा-चांचरी व छोलिया नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति देकर लोगों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान स्थानीय बैंड भी अपनी धुनों से रंग घोलते नजर आए।
हल्द्वानी में हीरानगर परिसर से रवाना हुई यात्रा कालाढूंगी रोड, नैनीताल रोड, रोडवेज बस स्टेशन, स्टेशन रोड, नया बाजार और सिंधी चौराहा होते हुए पुनः उत्थान मंच परिसर में समाप्त हुई। शोभायात्रा में श्री केदारनाथ, नंदा देवी, भैरव पूजा, सातूं-आठूं पर्व सहित लगभग 30 झांकियां शामिल थीं। बच्चों और महिलाओं के पारंपरिक नृत्य, ढोल-दमाऊ की धुन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं लालकुआं शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण न्याय के देवता श्री गोलू भगवान का डोला रहा, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। इसके साथ ही 50 फीट ऊंची क्रेन पर बना राधा-कृष्ण का झूला भी लोगों की उत्सुकता का केंद्र बना रहा।
प्रेस क्लब हल्द्वानी ने किया शोभायात्रा का भव्य स्वागत
प्रेस क्लब हल्द्वानी ने बुधवार को शहर में निकली उत्तरायणी पर्व शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर प्रेस क्लब के सदस्यों ने शोभायात्रा में शामिल सभी प्रतिभागियों और नागरिकों को जल और फल वितरित किए। कार्यक्रम में उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने मकर संक्रांति और घुघतिया त्यौहार की शुभकामनाएं भी दी।
मंच पर “बेडू पाको बारो मासा”.. गुनगुना कर लोक संस्कृति को बचाने का सन्देश दिया पूर्व मंत्री दुर्गापाल ने
बिंदुखत्ता उत्तरायणी कौतिक के तीसरे दिन मैदान उस समय तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा, जब पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल ने मंच से उत्तराखंड का अमर लोकगीत ‘बेडू पाको बारो मासा…’ गुनगुनाया। जैसे ही गीत की धुन उठी, पूरा पंडाल झूम उठा और दर्शकों ने खड़े होकर उनका स्वागत किया।इस दौरान पूर्व मंत्री दुर्गापाल यह भी सन्देश दे गए कि वह एक जनप्रतिनिधि ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोक आत्मा के साथ जुड़े है और अपनी संस्कृतिक विरासत को बचाना व संजोये रखना ही हम सभी का कर्तब्य है।