खबर सच है संवाददाता
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों की मंजूरी की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने मीडिया को बताया कि इस बैठक में राज्य के विकास, प्रशासनिक सुधार, पर्यटन, पशुपालन और सेवा नियमों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।
कैबिनेट ने सबसे पहले पशुपालन क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए गौ-वंशीय पशुओं में नस्ल सुधार के लिए भ्रूण प्रत्यारोपण आधारित पायलट परियोजना को मंजूरी दी। इस योजना का उद्देश्य उच्च आनुवंशिकी वाले पशुओं का उत्पादन बढ़ाना और राज्य में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना है।
चारधाम यात्रा से जुड़े घोड़े-खच्चरों के लिए भी राहत का फैसला किया गया। केदारनाथ, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर कार्यरत अश्ववंशीय पशुओं के बीमा प्रीमियम का 20 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी।इस योजना में लगभग 15,000 घोड़े-खच्चरों को कवर किया जाएगा, जिसके तहत राज्य सरकार करीब 105 लाख रुपये का व्यय उठाएगी।
राज्य आंदोलनकारियों को लेकर भी एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के तहत विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं में ऐसे अभ्यर्थियों को, जिन्होंने निर्धारित समय सीमा के बाद प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए थे, दस्तावेज सत्यापन के दौरान एक अवसर देने पर सहमति बनी।
लोक निर्माण विभाग से जुड़े एक अन्य फैसले में बिटुमिन की कीमतों में हुई भारी वृद्धि को देखते हुए अनुबंधों में मूल्य समायोजन (price adjustment) करने की अनुमति दी गई। यह समायोजन 1 मई 2026 से 30 जून 2026 तक लागू होगा, जिससे चल रहे निर्माण कार्यों पर लागत बढ़ोतरी का प्रभाव कम किया जा सके।
आबकारी नीति 2025-28 से जुड़े प्रावधानों में संशोधन को भी मंजूरी मिली। इसमें उपकर को वैट गणना का हिस्सा बनाने और होलोग्राम शुल्क के दोहराव को हटाने का निर्णय शामिल है।
निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सगंध पौधा केंद्र, सेलाकुई में अत्याधुनिक AMS मशीन के संचालन हेतु एक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) के गठन और पांच तकनीकी पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। इससे राज्य के हर्बल और सगंध तेल उत्पादों की गुणवत्ता जांच और अंतरराष्ट्रीय बाजार में विश्वसनीयता बढ़ेगी।
पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय हिमालयन कार रैली के आयोजन को भी मंजूरी दी गई। इस आयोजन में 120 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की योजना है, जिनमें अंतरराष्ट्रीय रैली चालक भी शामिल होंगे। आयोजन के लिए एक अनुभवी संस्था का चयन एकल स्रोत प्रक्रिया से किया जाएगा।
उपनल कर्मियों से जुड़े मामले में भी बड़ा निर्णय लिया गया।समान कार्य के लिए समान वेतन के आदेशों के अनुपालन में पात्रता की कट-ऑफ डेट को संशोधित करने पर सहमति दी गई।
कारागार विभाग से जुड़े दो नए नियमों—कारागार (संशोधन) नियमावली 2026 और कारापाल अधीनस्थ सेवा नियमावली 2026 – को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा संस्कृत शिक्षा विनियमावली में संशोधन और राज्य साक्षरता को पूर्णतः साक्षर घोषित करने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने की दिशा में भी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (गोल्डन कार्ड) के तहत लंबित चिकित्सा बिलों के भुगतान के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।
अंत में, लंबे समय से लंबित किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना पर सहमति बनने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
इस तरह यह बैठक प्रशासनिक सुधारों से लेकर सामाजिक, आर्थिक और विकासात्मक क्षेत्रों तक कई अहम निर्णयों के साथ संपन्न हुई।




