खबर सच है संवाददाता
लालकुआं। हाल ही में ओमान की खाड़ी में भारतीय क्रू वाले मालवाहक जहाजों पर अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविक मारे गए, यह हमला निंदनीय है और इस पर प्रधानमंत्री मोदी समेत भारत सरकार की खामोशी शर्मनाक है। मोदी सरकार की आर्थिक नाकामियों और अमेरिका के आगे समर्पण के कारण देश की जनता को मंहगाई की मार झेलनी पड़ रही है। साथ ही देश की खाद्य सुरक्षा को भारतीय खाद्य निगम के अन्न भंडार साइलो आधुनिकीकरण के ठेके अडानी एग्रो लॉजिस्टिक्स लिमिटेड को देने की राह सुगम बनाकर खतरे में डाल दिया गया है। यह बात भाकपा (माले) की राज्य कमेटी की दो दिवसीय बैठक को संबोधित करते हुए पार्टी के पोलित ब्यूरो के सदस्य कॉमरेड संजय शर्मा ने कही।
उन्होंने कहा कि, परीक्षा दर परीक्षा पर्चा लीक होने से देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा। मोदी सरकार एक परीक्षा भी साफ- सुथरे तरीके से कराने में नाकाम है पार्टी देश के युवाओं की इस मांग का समर्थन करती है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पेपर लीक की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।
कॉमरेड संजय शर्मा ने कहा कि, एसआईआर के नाम पर देश के गरीबों- अल्पसंख्यकों के वोट के अधिकार को छीनने और भाजपा सरकार द्वारा अपने अनुसार वोटर चुनने का प्रयास किया जा रहा है। यह पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सिर के बल खड़ा करने की जनविरोधी कार्यवाही है। बैठक को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) के राज्य सचिव इन्द्रेश मैखुरी ने कहा कि, उत्तराखण्ड राज्य में अपराध, भ्रष्टाचार, सांप्रदायिक उन्माद चरम पर है। उन्होंने कहा कि जिस बर्बर तरीके से बीते दिनों टिहरी जिले के लंबगांव में एक दलित किशोर केतन लाल की हत्या की गयी, वो निंदनीय है। इस आधुनिक दौर में भी जातीय पूर्वाग्रह के चलते हत्या होना शर्मनाक है। लोहाघाट में दलित टैक्सी चालक को जूतों की माला पहना कर घुमाया जाना और उसका वीडियो वायरल किया जाना, प्रदेश में दलित उत्पीड़न की एक और घटना है।
माले राज्य सचिव ने कहा कि, प्रदेश में पुलिस उत्पीड़न लगातार बढ़ रहा है। सतपुली के पंकज कुमार और खैरना के बालम सिंह बिष्ट ने पुलिस उत्पीड़न के चलतेआत्महत्या कर ली। लेकिन दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई।
इन्द्रेश मैखुरी ने कहा कि, प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है। मार्च में विधानसभा में प्रस्तुत सीएजी की रिपोर्ट में हज़ारों करोड़ रुपए के घोटाले का खुलासा हुआ है। प्रदेश का कर्ज नब्बे हजार करोड़ रुपए से ऊपर चला गया है, लेकिन चुनावी साल में अपने भीतर की गुटबाजी को साधने के लिए सरकार में सौ से ज्यादा लोगों को दायित्वधारी बना दिया गया है, जिनका एकमात्र दायित्व सरकारी धन का उपभोग करना है।
राज्य कमेटी की दो दिवसीय बैठक में उत्तराखण्ड राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति,आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की भूमिका, लगातार होते पेपर लीक के खिलाफ छात्र-युवा आंदोलन, किसान मजदूर आंदोलन, बिंदुखत्ता-बागजाला समेत पूरे प्रदेश में वन भूमि पर बसी आबादी को मालिकाना अधिकार हेतु संयुक्त आंदोलन की पहल, राज्य में लगातार बिगड़ रही कानून व्यवस्था की स्थिति, राज्य में चहुंओर व्याप्त भ्रष्टाचार, पुलिसिया दमन, दलित उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं, पार्टी संगठन की मजबूती आदि समेत राज्य के तमाम ज्वलंत सवालों पर चर्चा की जानी है।
बैठक में भाकपा माले पोलित ब्यूरो की ओर से राज्य प्रभारी कामरेड संजय शर्मा, राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी, अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष आनंद सिंह नेगी, ऐक्टू प्रदेश महामंत्री के के बोरा, भाकपा माले नैनीताल जिला सचिव डॉ कैलाश पाण्डेय, गढ़वाल सचिव अतुल सती, उधमसिंहनगर सचिव ललित मटियाली, विमला रौथाण, एडवोकेट कैलाश जोशी, भुवन जोशी, जोगेंद्र लाल समेत राज्य भर से राज्य कमेटी सदस्य इस दो दिवसीय बैठक में शामिल हैं।