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बाल अधिकार एवं बाल संरक्षण को लेकर अभिभावकों, विद्यार्थियों और शिक्षकों को किया जागरूक
हल्द्वानी। शैमफोर्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल, हल्द्वानी में उत्तराखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के निर्देशों के क्रम में बाल अधिकार एवं बाल संरक्षण विषय पर महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में उत्तराखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य योगेश सिंह रजवार ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं विद्यालय प्रबंधन के सदस्यों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा, संरक्षण तथा उनके सर्वांगीण विकास के प्रति जागरूक करना रहा। इस दौरान योगेश सिंह रजवार ने बाल अधिकारों, बच्चों की सुरक्षा, उनके प्रति जिम्मेदारियों तथा बच्चों के लिए सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण के निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।
आयोग सदस्य रजवार ने कहा कि बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल सरकार या किसी एक संस्था की नहीं, बल्कि अभिभावकों, शिक्षकों, विद्यालय प्रबंधन और पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाना चाहिए तथा उनकी समस्याओं को समझकर समय पर उचित सहायता उपलब्ध कराना हम सभी का दायित्व है।
उन्होंने विशेष रूप से बच्चों को नशे से दूर रखने तथा उनकी दैनिक गतिविधियों और आवागमन को लेकर अभिभावकों एवं विद्यालय प्रबंधन को सतर्क रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। कहा कि अभिभावकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि स्कूल आने-जाने के दौरान उनके बच्चे किस बस, ऑटो अथवा अन्य वाहन से यात्रा कर रहे हैं और उनके साथ कौन लोग हैं। स्कूल बस चालक, ऑटो चालक तथा बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं में कार्यरत व्यक्तियों के आचरण एवं पृष्ठभूमि को लेकर भी आवश्यक सतर्कता बरतना जरूरी है।
कहा प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बच्चों को सुरक्षित एवं उचित वातावरण में बेहतर शिक्षा और संरक्षण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। प्रदेश सरकार द्वारा बच्चों एवं युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। वहीं, बच्चों के उचित संरक्षण, देखभाल और अधिकारों की रक्षा के लिए आयोग द्वारा भी लगातार धरातल पर कार्य किया जा रहा है।
इस अवसर पर डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर, चाइल्ड हेल्पलाइन किरन पंत ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें पॉक्सो अधिनियम, बाल अधिकारों तथा चाइल्ड हेल्पलाइन के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की असुरक्षा, उत्पीड़न अथवा समस्या की स्थिति में जागरूक रहने, अपनी बात किसी विश्वसनीय व्यक्ति तक पहुंचाने तथा उपलब्ध सहायता तंत्र का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला में अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता की। प्रतिभागियों ने बाल अधिकार एवं बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त कर अपनी जिज्ञासाओं और प्रश्नों को भी साझा किया।
विद्यालय प्रबंधन की ओर से कहा गया कि बच्चों की सुरक्षा,सम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। विद्यालय बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वस्थ एवं अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने योगेश सिंह रजवार एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों का आभार व्यक्त किया तथा बाल अधिकारों एवं बाल संरक्षण के प्रति जागरूकता को निरंतर बढ़ाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन एडवोकेट दयासागर बिष्ट, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राजेश बिष्ट, डायरेक्टर अकादमिक्स अंजू भट्ट, प्रधानाचार्या संतोष पांडे, विनोद खोलिया, पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष कैलाश भगत, सेक्रेटरी सौरभ पाठक, खंड शिक्षा अधिकारी के प्रतिनिधि निशिकांत जोशी, कल्पना जोशी, चाइल्ड हेल्पलाइन की डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर किरन पंत, केस वर्कर बीना, युवा मोर्चा के देवेश सम्भल, मनोज गोस्वामी सहित विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य, अभिभावक एवं विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।