खबर सच है संवाददाता
देहरादून। पटेलनगर क्षेत्र में अलग-अलग नामों से फर्जी दस्तावेज बनाकर अवैध रूप से भारत में रह रही एक बांग्लादेशी महिला को पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने बताया कि गिरफ्तार महिला की पहचान सुबेदा बेगम (40) के रूप में हुई है। वह कोविड काल के दौरान अवैध रूप से सीमा पार कर पश्चिम बंगाल पहुंची थी। वहां उसने एक भारतीय नागरिक से शादी की और करीब दो वर्ष पूर्व देहरादून आकर रहने लगी।
एसएसपी के अनुसार, मुखबिर की सूचना पर पटेलनगर क्षेत्र की लोक संस्कृति कॉलोनी में रह रही महिला को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह बांग्लादेश की नागरिक है और भारत में रहने के लिए उसने सुबेदा बीबी, मोनी और प्रिया रॉय नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार कराए थे।
पुलिस ने उसके कब्जे से सुबेदा बीबी और मोनी के नाम के फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, तीनों नामों से बने मतदाता पहचान पत्र, सुबेदा बीबी के नाम का आधार कार्ड, पैन कार्ड समेत अन्य भारतीय दस्तावेज बरामद किए हैं। इसके अलावा सुबेदा बेगम के नाम का एक बांग्लादेशी पहचान पत्र भी मिला है।
पुलिस के अनुसार महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, पासपोर्ट अधिनियम और विदेशी अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।पूछताछ में महिला ने बताया कि वह करीब चार वर्ष पूर्व अवैध रूप से भारत आई थी और 2022 में पश्चिम बंगाल निवासी कौसर शाह से शादी की थी। बाद में वह पति के साथ देहरादून आ गई, जहां हरिद्वार जिले के रुड़की और देहरादून से अलग-अलग नामों पर फर्जी दस्तावेज बनवाए गए और देहरादून में अलग-अलग स्थानों पर किराए के मकान में रहकर घरेलू सहायिका के रूप में काम कर रही थी,जबकि उसका पति वर्तमान में दुबई में कार्यरत है।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि फर्जी दस्तावेज बनाने में महिला की मदद करने वालों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी देहरादून जिले में 19 बांग्लादेशी नागरिक पकड़े जा चुके हैं।इनमें से नौ को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया, जबकि 10 अन्य को उनके देश निर्वासित किया जा चुका है।




