खबर सच है संवाददाता
हल्द्वानी। अखिल भारतीय किसान महासभा बागजाला कमेटी का एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) तराई पूर्वी डिवीजन से उनके हीरानगर, हल्द्वानी स्थित कार्यालय में बागजाला गांव में विभिन्न विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए 24 नवंबर 2025 को हुए समझौते को लागू किए जाने के सम्बन्ध में वार्ता की।
प्रतिनिधिमंडल ने अवगत कराया कि बागजाला गाँव की समस्याओं के समाधान की मांग पर अखिल भारतीय किसान महासभा के 100 दिन के धरने के पश्चात 24नवंबर 2025 को उप जिलाधिकारी हल्द्वानी की उपस्थिति में एक समझौता किया गया था, जिसमें रुके हुए विकास कार्यों जैसे जल जीवन मिशन की योजना पुनः शुरू किए जाने, क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत किए जाने, गांव में पहले से रह रहे लोगों को घरों की मरम्मत की अनुमति देने और जरूरत अनुसार कमरा, किचन, शौचालय निर्माण की अनुमति दिए जाने, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा हेतु सोलर लाइट/ स्ट्रीट लाइट लगाने, क्षतिग्रस्त गूल/नहरों की मरम्मत किये जाने, लंबे समय से गांव में रह रहे लोगों को बिजली और पानी के नए कनेक्शन दिए जाने पर सहमति बनी थी। बैठक में अन्य विभागों के अधिकारियों के अतिरिक्त डीएफओ के प्रतिनिधि के रूप में वन विभाग के तराई पूर्वी डिवीजन के एस डी ओ भी मौजूद थे। उक्त बैठक में पेयजल, सड़क निर्माण, भवन निर्माण, स्ट्रीट लाइट, लंबे समय से गांव में रह रहे लोगों को बिजली और पानी के नए कनेक्शन देने आदि विकास कार्यों को लेकर जो समझौता हुआ था, उसके अनुपालन में जल संस्थान द्वारा वन विभाग को जल जीवन मिशन योजना को पूरा करने के लिए विस्तृत प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन अभी तक वन विभाग से अनुमति प्राप्त नहीं हुई है जिसके चलते गांव में योजना का कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। इसके अतिरिक्त भवन निर्माण और रिपेयरिंग संबंधी पत्र भी उप जिलाधिकारी हल्द्वानी कार्यालय से प्रस्ताव वन विभाग में भेजा गया है उसकी प्रगति भी अभी तक उपलब्ध नहीं है।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि, बागजाला गांव में क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू हो चुका है, गड्ढों में मिट्टी भरने के बाद डामर के पैच लगने हैं। यदि जल जीवन मिशन की योजना शुरू करने के लिए प्रस्ताव को अनुमति उससे पूर्व मिल जाय तो मरम्मत के बाद बनी बनाई सड़क को पुनः खोदने से बचा जा सकता है। जिससे सार्वजनिक धन का बेजा नुकसान नहीं होगा और ग्रामवासी भी लाभान्वित होंगे।
ज्ञापन में बागजाला गांव की समस्याओं के निराकरण में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए 24 नवंबर 2025 को हुए समझौते को लागू करने के लिए निम्न मांगें की गयी –
1- बागजाला गांव में जल जीवन मिशन की योजना के प्रस्ताव को शीघ्रता से मंजूरी दी जाय।
2- घरों की मरम्मत और जरूरत अनुसार कमरा, किचन, शौचालय निर्माण की अनुमति दी जाए।
3- महिला एवं बाल सुरक्षा के मद्देनजर गांव की सड़कों पर स्ट्रीट लाइट/सोलर लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
4- लंबे समय से गांव में रह रहे लोगों को बिजली और पानी के नए कनेक्शन देने पर लगी रोक हटायी जाए।
डीएफओ तराई पूर्वी ने शीघ्रता से प्रस्तावों पर कार्यान्वयन की सहमति व्यक्त की।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा यदि समझौते को शीघ्रता से अमल में लाने की कार्यवाही नहीं की गई तो बागजाला वासियों को पुनः आंदोलन की राह पर चलने को बाध्य होना पड़ेगा। इसके अतिरिक्त क्षतिग्रस्त गूल/नहरों की मरम्मत किये जाने की मांग पर एक ज्ञापन अधिशासी अभियंता और सहायक अभियंता सिंचाई विभाग के कार्यालय पर भी दिया गया।
प्रतिनिधिमंडल में भाकपा माले नैनीताल जिला सचिव डॉ कैलाश पाण्डेय, अखिल भारतीय किसान महासभा बागजाला अध्यक्ष डॉ उर्मिला रैस्वाल, कोषाध्यक्ष मीना भट्ट, प्रचार सचिव पंकज चौहान, हेमा आर्य, रेशमा, यासीन, रमेश, दिनेश पांडेय, मकसूद, हेमा देवी, अजीम आदि शामिल रहे।