खबर सच है संवाददाता
हल्द्वानी। बनभूलपुरा रेलवे भूमि प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए मेयर गजराज बिष्ट ने इसे शहर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। मेयर बिष्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से हल्द्वानी में विकास कार्यों को गति मिलेगी और लंबे समय से लंबित अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। उन्होंने सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुनर्वास की पात्रता से दंगाई और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को बाहर रखा जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट से मौखिक अनुरोध करने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस संबंध में पत्र भेजा गया है।पत्र में मांग की गई है कि पुनर्वास प्रक्रिया पारदर्शी हो और पात्रता तय करते समय आपराधिक पृष्ठभूमि का भी संज्ञान लिया जाए।
उधर, सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में रलवे भूमि से बेदखली पर रोक लगाने से इनकार करते हुए स्पष्ट किया है कि प्रभावित लोगों को उसी स्थान पर पुनर्वास का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। हालांकि, अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत पुनर्वास में मदद दी जाए।
मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमलया बागची की पीठ ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम को 19 मार्च से 31मार्च तक क्षेत्र में सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। इस सर्वे का उद्देश्य प्रभावित परिवारों की वास्तविक स्थिति और पीएम आवास योजना के तहत उनकी पात्रता का सत्यापन करना है।
अदालत ने कहा है कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी और अगली सुनवाई से पहले विस्तृत स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। अब स्थानीय लोगों की नजरें सर्वे प्रक्रिया और उसके निष्कर्षों पर टिकी हैं, जिन्हें आगामी निर्णय के लिए निर्णायक माना जा रहा है।




