खबर सच है संवाददाता
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने गुरुवार को लोक भवन में चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में शासन के वरिष्ठ अधिकारी, चारधाम यात्रा से जुड़े जनपदों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
राज्यपाल ने स्पष्ट कहा कि चारधाम यात्रा केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी है, जिसे पूर्ण संवेदनशीलता, समर्पण और निष्ठा के साथ निभाया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस जिम्मेदारी को केवल कार्यालयीन समय तक सीमित न रखते हुए सेवा भाव से कार्य करें, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु यहां से सुखद अनुभव लेकर लौटें।
राज्यपाल ने फर्जी हेलीकॉप्टर बुकिंग, होटल बुकिंग धोखाधड़ी और ओवररेटिंग जैसे मामलों पर कड़ी निगरानी रखने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यक सेवाओं की कीमतों में अनावश्यक वृद्धि करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा न जाए।
उन्होंने सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक और नकारात्मक सूचनाओं को रोकने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि यात्रियों को सही और प्रमाणिक जानकारी मिल सके।
राज्यपाल ने कहा कि चारधाम यात्रा स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वयं सहायता समूहों, होमस्टे संचालकों और स्थानीय उद्यमियों को इस प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाए, ताकि उन्हें अधिक से अधिक लाभ मिल सके।
बैठक में प्रमुख सचिव एल. फैनई, सचिव शैलेश बगोली, रविनाथ रामन, पंकज पांडेय, डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, रणवीर सिंह चौहान, विनोद कुमार सुमन, धीराज गर्ब्याल, राज्यपाल के विधि परामर्शी कौशल किशोर शुक्ल, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




