खबर सच है संवाददाता
उत्तरकाशी। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर उत्तराखण्ड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा आज से विधिवत प्रारंभ हो गईं है। प्राचीन भैरव मंदिर, भैरवघाटी से मां गंगा की पवित्र डोली गंगोत्री धाम पहुंची, जबकि मां यमुना की डोली भी खरसाली से यमुनोत्री धाम। गंगोत्री धाम के कपाट आज 12 बजकर 15 मिनट पर जबकि यमुनोत्री धाम के कपाट 12 बजकर 35 मिनट पर कृतिका नक्षत्र के शुभ मुहूर्त पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। चारधाम यात्रा के तहत बाकी दो प्रमुख धामों के कपाट खुलने की तिथि भी तय कर दी गई है। 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे, जबकि 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
इन तिथियों का श्रद्धालु बेसब्री से इंतजार करते हैं, क्योंकि इसके साथ ही चारधाम यात्रा पूर्ण रूप से शुरू हो जाती है। इस दौरान मंदिर परिसर में पूर्ण तैयारियों के साथ ही उपस्थित श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला।
मां गंगा की डोली के धाम पहुंचते ही विधि-विधान के साथ कपाट खोले गए, जिसके साथ ही चारधाम यात्रा का औपचारिक शुभारंभ हो जाएगा। प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
चारधाम यात्रा हिंदू धर्म की सबसे पवित्र यात्राओं में से एक मानी जाती है। मान्यता है कि इन चार धामों के दर्शन करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।यह यात्रा न केवल आध्यात्मिक शांति देती है, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करती है। उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्रों में स्थित ये चारों धाम प्रकृति की अद्भुत सुंदरता और धार्मिक आस्था का संगम हैं, जो हर श्रद्धालु के लिए एक अद्वितीय अनुभव बनाते हैं।
चारधाम यात्रा के आरंभ के साथ ही जहां प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है, वहीं देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का सिलसिला शुरू हो चुका है।




