खबर सच है संवाददाता
भीमताल। मंगलवार (आज) नैनीताल जनपद के विकासखंड भीमताल में ब्लॉक स्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता का आयोजन राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रानीबाग में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी राजनीति विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ नवीन शर्मा तथा कार्यक्रम की ब्लॉक कोऑर्डिनेटर मीना डंगवाल, सहायक कोऑर्डिनेटर धीरेंद्र मिश्रा, स्कूल प्रधानाध्यापिका निधि मेहरा, निर्णायक मंडल के समस्त सदस्यों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
प्रतियोगिता में आदर्श राजकीय इंटर कॉलेज, पटवाडांगर, पीएमश्री राजकीय इन्टर कालेज हैड़ाखान, राजकीय इंटर कालेज अमिया, राजकीय इन्टर कालेज नौकुचियाताल, राइका दोगड़ा, राबाइका खुर्पाताल, राबाइका भीमताल तथा राउमावि रानीबाग के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। जिसमें प्रथम स्थान राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, खुर्पाताल, द्वितीय स्थान राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, भीमताल एवं तृतीय स्थान आदर्श राजकीय इंटर कॉलेज,पटवाडांगर ने प्राप्त किया।
कार्यक्रम की ब्लॉक कोऑर्डिनेटर मीना डंगवाल ने युवा संसद प्रतियोगिता कार्यक्रम की रूपरेखा को सभी के समक्ष रखा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं तथा नेतृत्व क्षमता का विकास करना है।
मुख्यअतिथि डॉ नवीन शर्मा ने अपने उद्बबोधन में सभी प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए सरकारों के विभिन्न स्वरूपों के बारे में बताते हुए कहा, जहां एक व्यक्ति के द्वारा शासन किया जाता है उसे राजतंत्र, कुछ विशिष्ट व्यक्तियों के द्वारा किए जाने वाले शासन को कुलीनतंत्र और समस्त नागरिकों के द्वारा किए जाने वाले शासन को लोकतंत्र कहते हैं। संसदीय शासन प्रणाली लोकतंत्र का आधार है। लोकतंत्र में असली मालिकाना हक जनता के हाथ में होता है,लेकिन जनता सीधे रूप में शासन नहीं करती बल्कि अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करती है जिसे हम प्रतिनिधि शासन व्यवस्था कहते हैं। डॉ शर्मा ने भीमताल व्लाक के विभिन्न विद्यालयों से आये प्रतिभागियों को प्रेरित करते कहा कि यह एक मंचन है। किसी भी खेल में कोई भी व्यक्ति हारता नहीं है बल्कि या तो वह जीतता है या सीखता है। इस युवा संसद प्रतियोगिता में जो टीम अपना स्थान नहीं बना पाई हैं उसे निराश होने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि लंबी छलांग लगाने के लिए एक कदम पीछे हटना पड़ता है, और जिस प्रकार सूर्य का रंग सूर्योदय और सूर्यास्त के समय एक समान रहता है उसी प्रकार महान पुरुष भी संपत्ति और विपत्ति के समय एक समान रहते हैं।
डॉ शर्मा ने अपने उद्बबोधन में सभी छात्र छात्राओं को अच्छी आदतों का निर्माण करने और देश का एक जिम्मेदार नागरिक बनने की ओर भी प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि मानव शरीर पांच तत्वों द्वारा निर्मित प्रकृति प्रदत्त है। इसलिए सामाजिक समरसता, प्राचीन भारतीय परिवार व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण, स्व का भाव और नागरिक कर्तव्यों का पूर्ण मनोयोग से पालन करके समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का आवाहन किया।
निर्णायक मंडल में शामिल विभिन्न विकासखंडों से आए ललित पांगती, आशुतोष द्विवेदी एवं असमा परवीन ने परिणामों की घोषणा करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन सहायक अध्यापक गोपाल गुणवंत द्वारा किया गया। अंत में आयोजक मण्डल द्वारा सभी प्रतिभागियों, शिक्षक शिक्षिकाओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया।