खबर सच है संवाददाता
नई दिल्ली। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव आयोग ने चुनावी तैयारियों को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में चुनाव संचालन से सीधे जुड़े अधिकारियों के स्थानांतरण और तैनाती को लेकर संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारियों तथा मुख्य सचिवों को पत्र भेजा है।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि वह एक सुसंगत नीति का पालन करता है, जिसके तहत चुनाव से जुड़े अधिकारियों को उनके गृह जिले या ऐसे स्थान पर तैनात नहीं किया जाएगा, जहां वे लंबे समय से कार्यरत रहे हों। आयोग के निर्देशानुसार, यदि कोई अधिकारी अपने गृह जिले में तैनात है या पिछले चार वर्षों में किसी जिले में तीन वर्ष की सेवा पूरी कर चुका है, तो उसे वर्तमान जिले में बने रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के लिए यह अवधि 31 मई तक तथा पुडुचेरी के लिए 30 जून तक लागू होगी।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि तीन वर्ष की सेवा अवधि की गणना करते समय जिले के भीतर पदोन्नति को शामिल किया जाएगा। हालांकि राज्य मुख्यालय में दी गई सेवा भले ही वह उसी राजस्व जिले में क्यों न हो को तीन वर्ष की अवधि की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा।
निर्देशों के अनुसार, जिन अधिकारियों का स्थानांतरण किया जा रहा है, उन्हें राज्य मुख्यालय में तैनात किया जा सकता है, भले ही वह उसी राजस्व जिले में हो। साथ ही यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), रिटर्निंग ऑफिसर (RO), सहायक रिटर्निंग ऑफिसर (ARO), पुलिस निरीक्षक, उपनिरीक्षक या उससे ऊपर के अधिकारी को उस जिले में पुनः तैनात न कियाजाए जहां वे पिछले विधानसभा चुनाव या उसके बाद हुए किसी उपचुनाव में तैनात रहे हों।
चुनाव आयोग ने कहा है कि यदि इन निर्देशों के पालन में कोई कठिनाई आती है तो संबंधित मामला मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) के माध्यम से कारण सहित आयोग को भेजा जा सकता है, जिस पर आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त, जिन अधिकारियों या कर्मचारियों की ड्यूटी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य में लगी है विशेषकर असम में उनके स्थानांतरण आदेश मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ही जारी किए जाएंगे। विशेष परिस्थितियों में स्थानांतरण की आवश्यकता होने पर आयोग की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी।
आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि स्थानांतरित अधिकारियों के स्थान पर नई तैनाती करते समय राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से परामर्श किया जाए तथा प्रत्येक स्थानांतरण आदेश की प्रति उन्हें अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए।




