खबर सच है संवाददाता
पौड़ी। स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आया कि वर्ष 2022 से जिला अस्पताल में करोड़ों रुपये की लागत से लगाई गई सीटी स्कैन मशीन को बिना पर्याप्त सुरक्षा के खुले में रखा गया, जिससे यह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।यह मशीन गंभीर बीमारियों के निदान के लिए लगाई गई थी, लेकिन उपयोग में आने के बजाय धूल खाती रही।
इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए शासन ने कड़ी कार्रवाई की है। तत्कालीन प्रमुख अधीक्षक डॉ. विजयेश भारद्वाज को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही तत्कालीन मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार को भी निलंबित किया गया है, जो वर्तमान में अल्मोड़ा में तैनात हैं।
इसके अलावा देहरादून स्थित महंत इंद्रेश चिकित्सालय प्रबंधन समिति को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उस समय यही संस्था पीपीपी मॉडल के तहत पौड़ी में स्वास्थ्य सेवाएं संचालित कर रही थी। नोटिस में पूछा गया है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और जनसेवाओं को बाधित करने के लिए उनके खिलाफ आर्थिक वसूली और ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई क्यों न की जाए।
शासन ने स्वास्थ्य विभाग से भी इस मामले में जवाब तलब किया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों का सही रखरखाव सुनिश्चित किया जाए और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहे। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी स्तर पर जनता के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गौरतलब है कि हाल ही में मंत्रिमंडल विस्तार केबाद सुबोध उनियाल को स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके बाद से वे लगातार अस्पतालों का निरीक्षण कर रहे हैं। हाल ही में टिहरी जिला अस्पताल के औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ-सफाई में कमी पाए जाने पर अस्पताल प्रशासन को कड़ी फटकार भी लगाई थी।




