अपनी बात पर रहोगे तभी तो मिशन 2024 फतह करोगे

ख़बर शेयर करें -


मनोज कुमार पाण्डे (संपादक) खबर सच है

प्रधानमंत्री के कटु आलोचक और भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद जैसा नाम वैसा गुण “स्वामी” चाहे जो भी बोले, पर यह तो अहसास करा ही देते है कि भाजपा ने यदि हिंदुत्व के नाम पर सत्ता हासिल की तो उसे हिन्दुतत्व की संरक्षा भी करनी ही होगी। अब जब अन्य पार्टियों से भाजपा में आये नेता वापस घर रवानगी करने लगे हो और ‘अपने’ बेचारगी की तरह सम्मान के इंतजार में आंखे खोले राह निहार रहे हो, तो ऐसे में स्वामी का यह कहना “भाजपा ने कई लोगों को तृणमूल से लिया अब सब वापस भाग रहे हैं, धरना कर रहे हैं कि हमें वापस लो” शायद उचित ही है।  

स्वामी ने तो मीडिया के साथ संवाद में इतना तक कह दिया कि “कार्यकर्ताओं की आप वैल्यू नहीं करोगे तो ऐसा ही हाल होगा। कार्यकर्ता बिना पैसा काम करता है और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ज्यादा लोग हैं। वे वहां लोकल शाखा चलाने वाले लोग हैं। उन्हें सब पता है वहां के बारे में। उनकी उपेक्षा करोगे तो कभी नहीं जीतोगे।”

बहरहाल मोदी जी मिशन चाहै 1-2 अथवा 3 लेकर चल रहे हो, पर स्वामी सुब्रमण्यम का एजेंडा स्पष्ट है।जम्मू-कश्मीर के नेताओं के साथ बैठक पीएम मोदी भले ही अमेरिका के दबाव में कर सकते है लेकिन करोड़ो हिंदुओ की भावनाओ को दरकिनार का 2024 नहीं जीत सकते।

Join our whatsapp group

https://chat.whatsapp.com/GNmgVoC0SrIJYNxO5zGt0F

Join our telegram channel:

https://t.me/joinchat/YsCEm7LVdWtiYzE1

हमारे पोर्टल में विज्ञापन एवं समाचार  के लिए कृपया हमें   [email protected]  ईमेल करें  या 91-9719566787 पर संपर्क करें।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -

👉 हमारे समाचार ग्रुप (WhatsApp) से जुड़ें

👉 हमसे फेसबुक पर जुड़ने के लिए पेज़ को लाइक करें

👉 ख़बर सच है से टेलीग्राम (Telegram) पर जुड़ें

👉 हमारे पोर्टल में विज्ञापन एवं समाचार के लिए कृपया हमें [email protected] पर ईमेल करें या +91 97195 66787 पर संपर्क करें।

TAGS: mission successful

More Stories

सम्पादकीय

बरसे मेघा तो दिल खुश हो गया …   

ख़बर शेयर करें -

ख़बर शेयर करें –  तप रही थी धरती और ब्याकुल लोग उम्मीद कर रहे थे कि बरसे मेघा। इसी बीच आज काले-घने बादलों का घिर आना, ठंडी हवाओं का चलना और पहली बारिश की सोंधी महक आते ही तन और मन का झूम उठना, मानो ऐसा लग रहा था कि सावन आया झूम के….   हालांकि […]

Read More
सम्पादकीय

जब सवालों ने शोर को हराया: ईश्वर, तर्क और सभ्य संवाद की एक दुर्लभ बहस 

ख़बर शेयर करें -

ख़बर शेयर करें –  कमल किशोर पाण्डे (उप सम्पादक)   20 दिसंबर 2025 को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई जावेद अख्तर और मुफ्ती शमाइल नदवी के बीच की बहस केवल “क्या खुदा है?” जैसे एक दार्शनिक प्रश्न तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह हमारे समय के बौद्धिक स्तर, संवाद की संस्कृति और असहमति को […]

Read More
सम्पादकीय

घुघुति त्यार और कौवे की पुकार : कुमाऊँ का लोकबोध

ख़बर शेयर करें -

ख़बर शेयर करें –        कमल किशोर पाण्डे  (उप सम्पादक) “खबर सच है”      कुमाऊँ की पर्व-परंपराएँ केवल तिथि-आधारित उत्सव नहीं हैं, वे प्रकृति, ऋतु और जीवन के साथ मनुष्य के संवाद की जीवंत अभिव्यक्ति हैं। मकर संक्रांति, जिसे कुमाऊँ अंचल में उत्तरायणी या घुघुति त्यार कहा जाता है, इसी संवाद का […]

Read More