खबर सच है संवाददाता
“या देवी सर्वभूतेसु श्रद्धां रूपेण संस्थिता “
अर्थात जो देवी सभी प्राणियों में श्रद्धा, विश्वास और सात्विकता के रूप में विद्यमान हैं, उन माँ को मैं बारंबार नमस्कार करता हूँ।
नैनीताल जिले के गौलापार क्षेत्र के किशनपुर से लगभग 6 किलोमीटर जंगल का सफर और फिर मंदिर के साथ शांत ध्वनि में बहता जाम नाला जो अब सूर्या नाला से प्रचलित है के किनारे पौराणिक स्वरूप छोटे से मंदिर के रूप में विराजमान है माँ सूर्या देवी मंदिर। इसी के ठीक बगल में गुफा में विराजमान देवा दी देव महादेव।
चरितार्थ ही नहीं वरन यहां के पुजारी हरीश चन्द्र पाण्डेय के अनुसार वैसे तो इस मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कब हुई इसका किसी को नहीं पता, लेकिन यह भी सच है कि यहां माँ के मंदिर को कई सदियों से लोग देख रहें है और पूजन भी कर रहें है। पुजारी जी के अनुरूप मुगलों द्वारा भारत में आक्रमण के दौरान माँ सूर्या देवी एक 14 वर्षीय बालक के शरीर पर अवतरित होकर राजस्थान से यहां आई और स्थानीय लोगो को स्वप्न में दर्शन देकर अपने होने का प्रमाण दिया।कुछ स्थानीय लोग जब अपने जानवरों के साथ जंगल में आये तो उन्हें माँ सूर्या देवी की प्रतिमा इस जगह पर दिखाई दी।
कहते है कई साधु महात्मा भी माँ की स्तुति के लिए यहां आते रहें और उन्होंने यही बहते नाले के करीब अपनी कुटिया भी बनाई थी, लेकिन बरसात के दौरान नाले के विकराल स्वरूप में वह बह गईं। उसके बाद वर्ष 1977 में उदासीन अखाड़े के संत 1008 श्री बाबा नौमीदास यहां आये और उन्होंने यहां पुनः आश्रम की स्थापना की जिसे मार्च 2012 में बाबा नौमीदास के देह त्याग के बाद से 1008 स्व. श्री बाबा नौमीदास आश्रम के नाम से जाना जाता है।
वर्ष के प्रत्येक नवारात्रि, शिवरात्रि अथवा विशेष आयोजनों में यहां अखण्ड रामायण, कीर्तन के साथ भागवत कथा का भी आयोजन है। जिसके पश्चात मंदिर की देख रेख को स्थापित “जय माँ सूर्या देवी मंदिर समिति, गौलापर ” यहां आने वाले प्रत्येक भक्तों के लिए लगातार माँ के प्रसाद स्वरूप भण्डारे का भी आयोजन करती है।
इस बार भी प्रथम नवरात्र से यहां भागवत कथा के साथ ही भारी संख्या में आने वाले माँ के भक्तों हेतु नित्य भण्डारे का आयोजन किया है।
शक्ति की देवी का यह सिद्ध स्थल जहां भारी सख्या में श्रदालु माँ के दर्शन को आते है, वहीं हमारी स्थानीय प्रशासन से भी अपील है कि इस भक्ति स्थल पर पहुंचने वाले मार्ग को आमजन हेतु सुविधाजनक बनाने में मदद करें।




