खबर सच है संवाददाता
देहरादून। उत्तराखंड में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के भीतर घमासान के संकेत मिलने लगे हैं। संगठन में पदों को लेकर नेताओं के बीच खींचतान खुलकर सामने आ रही है। देहरादून भाजपा महानगर में मंडल अध्यक्षों के बदलाव को लेकर उठा विवाद अब सियासी चर्चा का विषय बन गया है। एक मंडल अध्यक्ष ने इस्तीफा देने से इनकार किया है, जबकि दूसरे मंडल अध्यक्ष ने निजी कारणों का हवाला देते हुए पद छोड़ दिया है।
दरअसल, धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के श्यामा प्रसाद मुखर्जी मंडल अध्यक्ष वासुदेव जखमोला को लेकर संगठन में विवाद खड़ा हुआ है।जखमोला का कहना है कि उन्होंने मंडल अध्यक्ष पद से इस्तीफा नहीं दिया। उन्होंने केवल नए मंडल प्रभारी के साथ काम करने में असहजता कोलेकर विधायक विनोद चमोली और महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल को व्हाट्सएप संदेश भेजा था। इसके बावजूद उनके संदेश को इस्तीफा मान लिया गया और संगठन ने कमल राठौर को नया मंडल अध्यक्ष घोषित कर दिया।
जखमोला के मुताबिक, मंडल प्रभारी की नियुक्ति के बाद विवाद शुरू हुआ था। उनका कहना है कि पूर्व में संबंधित प्रभारी के साथ उनके दो-तीन बार अनुभव अच्छे नहीं रहे थे। इसी वजह से उन्होंने संगठन से प्रभारी को हटाने या फिर उन्हें मंडल अध्यक्ष पद से मुक्त करने का विकल्प दिया था। जखमोला का आरोप है कि संगठन ने उनकी बात का कारण जानने के बजाय उनके व्हाट्सएप संदेश को ही इस्तीफा मान लिया।
जखमोला ने कहा कि उन्होंने कोई लिखित इस्तीफा नहीं दिया है। इसके बावजूद संगठन की ओर से यह बताया गया कि वह निजी व्यस्तताओं के कारण पद संभालने में असमर्थ हैं। उन्होंने अपने बारे में भ्रामक प्रचार किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि संगठन को पहले यह जानना चाहिए था कि वह मंडल प्रभारी के साथ काम करने में असहज क्यों हैं।
इसी बीच धर्मपुर विधानसभा के दीनदयाल उपाध्याय मंडल अध्यक्ष आशीष गिरी ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। गिरी ने इसके पीछे पारिवारिक व्यस्तताओं को वजह बताया है। उनका कहना है कि वह पारिवारिक जिम्मेदारियों और पार्टी के काम के बीच तालमेल नहीं बैठा पा रहे थे।
हालांकि, इससे पहले इसी मंडल की महामंत्री प्रभा बंदूनी और आशीष गिरी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का मामला सामने आ चुका है। प्रभा बंदूनी ने गिरी पर पार्टी कार्यक्रमों की जानकारी नहीं देने और सहयोग नहीं करने के आरोप लगाए थे। वहीं गिरी का कहना है कि उनके इस्तीफे का कारण आपसी अनबन नहीं, बल्कि पारिवारिक जिम्मेदारियां हैं।
भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी मंडल अध्यक्ष ने व्हाट्सएप पर संदेश भेजकर काम करने में असमर्थता जताई थी। इसी आधार पर उनका इस्तीफा स्वीकार कर नया अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। उन्होंने कहा कि विधायक और मंडल अध्यक्ष के बीच क्या चल रहा है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
आशीष गिरी के इस्तीफे को लेकर भी महानगर अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने निजी कारणों का हवाला दिया था और उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। वहीं, विधायक विनोद चमोली से पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन देर रात तक उनसे संपर्क नहीं हो सका।




