खबर सच है संवाददाता
अल्मोड़ा। पहाड़ की सबसे व्यस्त और संवेदनशील सड़कों में शामिल अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित क्वारब क्षेत्र एक बार फिर खतरे की जद में आ गया है। लगातार भू-स्खलन और पहाड़ी दरकने की आशंका के बीच प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए क्वारब मार्ग को 29 मई 2026 से अगले आदेशों तक पूरी तरह बंद करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रशासन के इस निर्णय के बाद कुमाऊं की लाइफलाइन माने जाने वाले इस मार्ग पर आवाजाही करने वाले हजारों यात्रियों और वाहन चालकों की परेशानियां बढ़ना तय माना जा रहा है।

प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब यात्री बसों और हल्के वाहनों की आवाजाही क्वारब बाईपास मार्ग से कराई जाएगी। वहीं भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। भारी वाहन अब अल्मोड़ा–विश्वनाथ–शहरफाटक राज्य मार्ग-13 तथा खैरना–रानीखेत मार्ग से होकर गुजरेंगे।
दरअसल बीते कुछ समय से क्वारब क्षेत्र में पहाड़ी के लगातार खिसकने और सड़क के नीचे धंसाव बढ़ने की घटनाएं सामने आ रही थीं। कई जगह सड़क पर दरारें पड़ने और मलबा गिरने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई थी। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के बाद सुरक्षा को देखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है। प्रशासन का कहना है कि लोगों की जान जोखिम में डालकर मार्ग को खुला रखना उचित नहीं होगा।
क्वारब मार्ग बंद होने से सबसे अधिक असर अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और आसपास के पर्वतीय जिलों से हल्द्वानी आने-जाने वाले यात्रियों पर पड़ेगा। पर्यटन सीजन और गर्मियों की छुट्टियों के बीच इस फैसले से यात्रा का समय बढ़ सकता है। खासकर मालवाहक वाहनों को लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ेगा, जिससे परिवहन लागत पर भी असर पड़ने की संभावना है।




