रामनगर पधारने पर श्री हरि चैतन्य महाप्रभु का हुआ भव्य स्वागत
रामनगर। प्रेमावतार, युगदृष्टा, श्री हरि कृपा पीठाधीश्वर व विश्व विख्यात संत स्वामी श्री हरि चैतन्य पुरी जी महाराज ने आज यहां श्री हरि कृपा आश्रम में उपस्थित विशाल भक्त समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि हमेशा मुस्कुराते रहना चाहिए क्योंकि अन्यान्य प्रार्थनाओं की अपेक्षा इससे आप स्वयं को परमात्मा के अधिक करीब अनुभव करेंगे। मानव के मुख पर मुस्कान सौभाग्य का चिन्ह है। हंसना मनुष्य की स्वाभाविक क्रिया हैं विधाता की सृष्टि का कोई दूसरा प्राणी हंसता हुआ दिखाई नहीं देता। भौरा व तितलियां भी खिले फूल पर ही बैठते हैं मुरझाए फूल पर नहीं। मुस्कुराता हुआ चेहरा व्यक्ति के व्यक्तित्व में चार चांद लगा देता है। मुस्कुराते व्यक्ति के पास क्रोध, ईर्ष्या, प्रति हिंसा नहीं आ सकती। क्रोध इत्यादि की अग्नि को शांत करने वाली यह अमूल्य दवा है।
अपने ओजस्वी वाणी में उन्होंने कहा कि हंसी का एक स्वरुप मुस्कान है। अमीर, गरीब कोई भी प्रसन्नता व मुस्कुराहट के धन को चाहे तो इकट्ठा कर सकते हैं। तुम पर कितनी भी मुसीबतें रहे, तुम कितनी भी कठिनाइयों में रहो, तुम्हारे सामने अंधकार ही क्यों ना हो यदि तुम प्रसन्नता को अपनाए रहो तो तुम धनी हो। यह प्रसन्नता तुम्हारे जीवन को उच्च बनायेगी। विलियम शेक्सपियर ने तो यहाँ तक कहा है कि मुस्कान के बल पर जो तुम चाहो पा सकते हो। तलवार से इच्छित वस्तु भी नष्ट हो जाती है। उन्होंने कहा कि हंसना और मुस्कुराना सर्वश्रेष्ठ टॉनिक है। विचार करो हंसने व मुस्कुराने पर हमारा खर्च क्या होता है बल्कि यह बहुत कुछ दे जाता है। मुस्कुराहट देने वाले को हमने कभी निर्धन होते नहीं देखा इसे पाने वाला तो तृप्त हो जाता है। हंसना, रोना व गाना यह तो मानव का स्वाभाविक गुण है। कष्ट में भी मुस्कुराते व हंसते रहने का संदेश फूल हमें देते हैं। संत जग को सुरभित करते हैं फूल सदा हंसते रहते हैं कष्ट सहो जीवन में हंसकर फूल यही हमसे कहते हैं।
उन्होंने कहा कि यद्यपि सदैव प्रसन्न रहना व मुस्कुराते रहना कोई साधारण बात नहीं क्योंकि कभी मान है, कभी अपमान है, कभी सुख है तो कभी दुख, कभी हानि है तो तभी लाभ, कभी जीवन है तो कभी मृत्यु, कभी यश है तो कभी अपयश,कभी अनुकूल है तो कभी प्रतिकूल इत्यादि जीवन में घटित विभिन्न घटनाओं का यदि विचारपूर्वक मंथन किया जाए तो सदैव अमृत ही नहीं मिला होगा कितनी बार विष के घूंट भी पीने पड़ते हैं। इस प्रकार की परस्पर विरोधी परिस्थितियों मे सभी के लिए इतना सहज नहीं कि सदैव प्रसन्न रहें सके फिर भी प्रयास करें एवं प्रभु से प्रार्थना करते रहें कि हम उनके कृपा पात्र बन सके एवं सदैव प्रसन्न व मुस्कुराते रहें। उन्होंने परिवार, नगर, राष्ट्रवाद व समाज में आपस में मिल जुलकर प्रेम,एकता व सद्भाव को बनाए रखने व बढ़ावा देने पर बल दिया।
अपने धारा प्रवाह प्रवचनो से उन्होंने सभी भक्तों को मंत्र मुग्ध व भाव विभोर कर दिया।श्री महाराज जी के दिव्य प्रवचनों को सुनने के लिये स्थानीय, क्षेत्रीय व दूर दराज से काफ़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। लगातार आश्रम में भक्तों का ताँता लगा हुआ है। आश्रम में ही चल रही कार सेवा में भी भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा है।
आज परम पूज्य श्री महाराज जी ने श्री दिव्येश्वर महादेव का व श्री हरेश्वर महादेव का महा अभिषेक किया। 9 अक्टूबर से ही महाराज जी रामनगर विराजेंगे। श्री हरि कृपा आश्रम चित्रकूट रामनगर नैनीताल उत्तराखंड में महाराज श्री के पावन सानिध्य में नवरात्रि महोत्सव के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष की भांति विशाल यज्ञ अनुष्ठान, माँ दुर्गा का पूजन व दिव्य श्री रामकथा का आयोजन 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक होगा। सभी धर्म प्रेमी जनता को सप्रेम आमंत्रित किया गया है।
ख़बर शेयर करें – खबर सच है संवाददाता गढीनेगी। प्रेमावतार, युगदृष्टा, श्री हरिकृपा पीठाधीश्वर व विश्व विख्यात संत स्वामी श्री हरि चैतन्य पुरी जी महाराज ने यहाँ श्री हरिकृपा धाम आश्रम में भक्तो को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी अपने महापुरुषों, तीर्थों, शास्त्रों व परमात्मा के विभिन्न अवतारों से प्राप्त होने […]
ख़बर शेयर करें – खबर सच है संवाददाता हल्द्वानी। प्रेमावतार, युगदृष्टा, श्री हरि कृपा पीठाधीश्वर व विश्व विख्यात संत स्वामी श्री हरि चैतन्य पुरी जी महाराज ने आज यहां पीलीकोठी में उपस्थित विशाल भक्त समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि दुख, अशांति, कलेह-क्लेश, उलझन शोक भय, आदि से लाख प्रयास करके भी […]
ख़बर शेयर करें – खबर सच है संवाददाता श्री हरेश्वर महादेव व श्री दिव्येश्वर महादेव की सजाई गई दिव्य झांकी रामनगर। श्री हरि कृपा आश्रम चित्रकूट रामनगर में स्थित श्री दिव्येश्वर महादेव व श्री हरि कृपा धाम आश्रम गढीनेगी में स्थित श्री हरेश्वर महादेव की आज भव्य व दिव्य […]