नैनीताल/हल्द्वानी। यहां पॉश इलाके में देर रात एक युवती के साथ छेड़छाड़ और पीछा करने का सनसनीखेज मामले ने एक बार फिर जिले में महिलाओं की सुरक्षा के साथ पुलिस प्रशासनिक ब्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आज फिर अपने भाई के साथ बाइक पर सवार युवती का बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक पीछा ही नहीं करते, बल्कि रास्ते भर युवती पर फब्तियां कसते हुए उसे डराने-धमकाने की कोशिश भी करते है। भयभीत युवती और उसका भाई इस दौरान काफी घबराये हुए सड़क पर तेज गति से स्कूटी दौड़ाते हुए मदद के लिए आवाज लगाते है, लेकिन आरोपियो से उन्हें बचाने कोई नजर नहीं आता। हालांकि जिस स्थिति में भाई -बहन स्वयं का बचाव करते हुए स्कूटी दौड़ा रहे थे, शायद आरोपियों से ज्यादा सड़क दुर्घटना का भी अंदेशा था। लेकिन देर रात उनकी सुरक्षा की चिंता कौन करता, क्योंकि सुरक्षा के लिए स्थापित पुलिस तो इस दौरान कहीं थी ही नहीं।
ज्ञात हो की पूरी घटना का वीडियो भी वायरल होकर सामने आया है, जिसमें आरोपी युवकों को युवती का पीछा करते और उसे परेशान करते हुए साफ देखा जा सकता है। अब जब वीडियो वायरल हो जाता है, तो पुलिस हरकत में आती है और मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों आरोपियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लेते हुए उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की बात करती है।
एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल के अनुसार, एक वीडियो पुलिस के संज्ञान में आया था, जिसमें बाइक सवार युवक-युवती के पीछे दो युवक पीछा करते दिख रहे हैं। वे टिप्पणी करने के साथ ही उन्हें परेशान करते नजर आए। मामले में दोनों युवकों की पहचान कर उन्हें हिरासत में ले लिया गया है और विधिक कार्रवाई की जा रही है।
घटना के बाद बेशक जिला पुलिस घटना के अनावरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करती रही है, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या पुलिस प्रशासन चौकन्ना था, यदि था तो फिर बीच सड़क ऐसी हरकत कैसे हुई। या फिर यह मान ले कि महिलाओं का अब रात में घर से निकलना अथवा सफर करना सुरक्षित नहीं। यदि ऐसा नहीं तो चलती सड़क, भीड़ -भाड़ वाला इलाका अथवा पॉश एरिया में ऐसी घटनाएं करने का साहस आरोपियों को कैसे मिला ?




