हारिये ना हिम्मत, विसारिये ना राम – श्री हरि चैतन्य महाप्रभु   

ख़बर शेयर करें -
 
 
खबर सच है संवाददाता 
 
गढीनेगी। प्रेमावतार, युगदृष्टा, श्री हरि कृपा पीठाधीश्वर व विश्व विख्यात संत स्वामी श्री हरि चैतन्य पुरी जी महाराज ने यहां श्री हरि कृपा धाम आश्रम में उपस्थित विशाल भक्त समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि प्रभु को समर्पित, कर्तव्य परायण,दृढ़ निश्चायी भक्त की रक्षा स्वयं श्री हरि करते हैं। ऐसे पुण्यआत्मा भक्त का समस्त संसार भी चाहे शत्रु क्यों ना हो जाए परंतु उसका बाल बांका नहीं कर सकता। भक्तराज प्रहलाद के जीवन का उदाहरण देते हुए उन्होंने उसे मानव मात्र के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। मिथ्या अहंकार में भूले हुए हिरण्यकश्यप ने स्वयं अपने ही पुत्र प्रहलाद पर कितने निर्मम अत्याचार किये, जिसका अपराध शायद मात्र इतना था कि उसने परमात्मा का नाम लेना नहीं छोड़ा। लेकिन सदैव रक्षा की प्रभु ने व उस अहंकारी हिरण्यकश्यप का नाश भी किया। भक्त का कभी नाश नहीं हो सकता। परमात्मा की कृपा जिस पर भी हो उसके लिए विष भी अमृत बन जाता है। शत्रु भी मित्रवत हो जाते हैं अपार सागर भी गाय के पैर के गढ़े के समान हो जाता है। हर असंभव कार्य भी संभव हो जाता है अग्नि भी शीतल हो जाती है। सुमेरु जो अलंघय पर्वत है जिसे कोई लांघ नहीं सकता ऐसा अलंघय पर्वत सुमेरु भी उसके लिए रजकण के समान हो जाता है।कठिनतम कार्य भी सरल हो जाता है वही प्रहलाद के साथ भी हुआ।
 
अपने दिव्य व ओजस्वी प्रवचनों में उन्होंने कहा कि जीता हुआ मन तथा इंद्रियां मित्र तथा अनियंत्रित मन व इंद्रियां सबसे बड़े शत्रु है। संसार को जीतने वाला महावीर नहीं बल्कि मन व इंद्रियों को जीतने वाला महावीर है। मन बाधक भी है तथा साधक भी है। इसे अपनी आध्यात्मिक उन्नति के लिए साधक बनाएं।  मन के हारे हार है व मन के जीते जीत है। सुख व दुख भी मन की अनुभूति के विषय मात्र हैं। मन की अनुकूलता में सुख व प्रतिकूलता में दुख जीव अनुभव करता है। 
 
महाराज श्री ने कहा कि श्रद्धा हमारे अहंकार को दूर करती है। श्रद्धावश ही हम दूसरों का हृदय से सम्मान करते हैं। श्रद्धा का प्रतिफल हमें आशीर्वाद के रूप में प्राप्त होता है । श्रद्धा का परिणाम सदैव शुभदायक और मंगलकारी होता है। इसलिए श्रद्धावान व्यक्ति विषम परिस्थितियों में भी अपने आत्मबल के सहारे टिका रहता है। सच्चे श्रद्धालुओं के सभी संकल्प पूर्ण हो जाते हैं। यदि हमारा मन निर्मल है हमारी मनोभूमि में अवगुणों का प्रदूषण नहीं है और हम दुर्व्यसनों के शिकार नहीं है तो श्रद्धा, विश्वास और प्रेम के अंकुर पल्लवित होने में देर नहीं लगती।  हम शीघ्र ही श्रद्धानत हो जाते हैं।भगवान के कृपा पात्र बन जाते हैं गीता में भगवान श्री कृष्ण ने कहा है जैसी जिसकी श्रद्धा होती है वैसा ही उसका स्वरूप हो जाता है, क्योंकि श्रद्धा सदैव अंत: करण के अनुरूप होती है , इसलिए मनुष्य को सदैव सात्विक श्रद्धा से युक्त रहना चाहिए।
 
अपने धारा प्रवाह प्रवचनों में उन्होंने सभी को मंत्र मुग्ध व भाव विभोर कर दिया। सारा वातावरण “श्री गुरु महाराज”, “कामां के कन्हैया” व लाठी वाले भैय्या की जय जय कर से गूंज उठा।
 
आश्रम में श्री महाराज के दर्शनों व दिव्य अमृत प्रवचनों को सुनने के लिए निरंतर भक्तों का ताँता लगा हुआ है।

लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -

👉 हमारे समाचार ग्रुप (WhatsApp) से जुड़ें

👉 हमसे फेसबुक पर जुड़ने के लिए पेज़ को लाइक करें

👉 ख़बर सच है से टेलीग्राम (Telegram) पर जुड़ें

👉 हमारे पोर्टल में विज्ञापन एवं समाचार के लिए कृपया हमें [email protected] पर ईमेल करें या +91 97195 66787 पर संपर्क करें।

TAGS: Don't lose courage don't lose Ram - Shri Hari Chaitanya Mahaprabhu Gadhinegi News Premavatar/Yugadrishta Shri Hari Kripa Peethadhishwar and world famous saint Swami Shri Hari Chaitanya Puri Ji Maharaj Religious News Sermons of Swami Shri Hari Chaitanya Puri Ji Maharaj Ji udham singh nagar news uttarakhand news उत्तराखण्ड न्यूज उधमसिंह नगर न्यूज गढीनेगी न्यूज धार्मिक न्यूज प्रेमावतार/युगदृष्टा/श्री हरि कृपा पीठाधीश्वर व विश्व विख्यात संत स्वामी श्री हरि चैतन्य पुरी जी महाराज स्वामी श्री हरि चैतन्य पुरी जी महाराज के हल्द्वानी में दिए प्रवचन के अंश

More Stories

शिक्षा-आध्यात्म

कैंची धाम के स्थापना दिवस :  बाबा नीब करौरी के दर्शन को उमड़ा भक्तों का सैलाब   

ख़बर शेयर करें -

ख़बर शेयर करें –  खबर सच है संवाददाता  नैनीताल/भवाली। प्रसिद्ध कैंची धाम के स्थापना दिवस पर सोमवार (आज) तड़के कपाट खुलने के साथ ही देश-विदेश से पहुंचे हजारों श्रद्धालु बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन के लिए कतारों में लग गए।सुबह छह बजे तक 10 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके है, वहीं अभी […]

Read More
शिक्षा-आध्यात्म

चार दिवसीय विराट धर्म सम्मेलन के बाद श्री हरि चैतन्य महाप्रभु को हज़ारों भक्तों ने दी अश्रुपूरीत विदाई 

ख़बर शेयर करें -

ख़बर शेयर करें –    खबर सच है संवाददाता    गढीनेगी। चार दिवसीय शौर्य सम्मान समारोह एंव विराट धर्म सम्मेलन धूमधाम से सम्पन्न होने के बाद आज प्रेमावतार, युगदृष्टा, श्री हरि कृपा पीठाधीश्वर स्वामी श्री हरि चैतन्य महाप्रभु जी को श्री हरि कृपा धाम आश्रम गढीनेगी से हज़ारों भक्तों ने बहुत भावपूर्ण अश्रुपूरित विदाई दी। […]

Read More
शिक्षा-आध्यात्म

चार दिवसीय विराट धर्म सम्मेलन के चौथे दिवस उमड़ा अपार जन सैलाब 

ख़बर शेयर करें -

ख़बर शेयर करें -चार दिवसीय विराट धर्म सम्मेलन के चौथे दिवस उमड़ा अपार जन सैलाब  A huge crowd gathered on the fourth day of the four-day grand religious conference, Udham Singh Nagar News, Gadinegi News, grand religious conference, Shri Hari Kripa Peethadhishwar and world famous saint Swami Hari Chaitanya Puri Ji Maharaj, 67th Shri Hari Prakatyotsav […]

Read More