हरिद्वार। अपनों के लिए तरसते बूढ़े माँ-बाप अक्सर अकेलेपन, उपेक्षा और भावनात्मक सहारे की कमी से जूझने को मजबूर होते है। जिन्होंने निस्वार्थ प्रेम से बच्चों को पाला, बुढ़ापे में वे समय, सम्मान और प्यार के भूखे होते हैं। मोबाइल से एक कॉल, सम्मान जनक बातचीत और साथ का थोड़ा समय उनके जीवन में सबसे बड़ी खुशी बन सकता है, जो अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला ऐसा ही एक मामला हरिद्वार के ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र के आर्यनगर कॉलोनी से सामने आया है।
पुलिस के मुताबिक पीर वाली गली में एक महिला अपने घर में अकेले रहती थी। गुरुवार सुबह महिला का शव बरामद होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और नोएडा से हरिद्वार लौटे बेटे के साथ घर का दरवाजा तोड़ा और शव बरामद किया। शव 10-15 दिन पुराना बताया जा रहा है।पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा।जानकारी जुटाई गई तो सामने आया कि महिला का एक बेटा फरीदाबाद में बैंक आफ इंडिया में कार्यरत है। जबकि दूसरे बेटे ने आईबी से वीआरएस लिया हुआ है।दोनों ही बेटे अपने-अपने परिवारों के साथ फरीदाबाद और दिल्ली में रहते आ रहे हैं। ज्वालापुर में उनका पुश्तैनी मकान है। बताया जा रहा है कि महिला बेटों के साथ नहीं रहती थी।
यहां पुश्तैनी मकान में वो अकेले रहती थी। महिला के बेटे अक्सर उसे फोन करते थे, लेकिन महिला कई दिन से मोबाइल पर कॉल रिसीव नहीं कर रही थी। फोन कॉल रिसीव न होने पर नोएडा से महिला का बेटा हरिद्वार पहुंचा। हरिद्वार पहुंचे बेटे ने दरवाजा खटखटाया तो भी कोई आहट नहीं हुई।इसके बाद आसपास मौजूद लोगों की मदद से घर का दरवाजा तोड़ा गया तो बुजुर्ग महिला का शव बरामद हुआ। शव में से दुर्गंध आ रही थी और देखने में लग रहा था कि महिला की मौत कई दिन पहले हो चुकी होगी। सूचना मिलते ही ज्वालापुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। आसपास मौजूद लोगों से भी महिला के बारे में जानकारी जुटाई गई।
ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि महिला की 10 से 15 दिन पहले मौत हुई होगी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह पता चल पाएगी। महिला के परिजनों और रिश्तेदारों से भी पूछताछ की गई है।




