मालधन। प्रेमावतार, युगदृष्टा, श्री हरि कृपा पीठाधीश्वर व विश्व विख्यात संत स्वामी श्री हरि चैतन्य पुरी जी महाराज आज मालधन के कार्बेट के फाटों ज़ोन में पधारे।पार्क में प्रवेश के साथ ही महाराज श्री ने दो बाघ, हज़ारों हिरण, किंग कोबरा नाग नागिन का मिलन व अन्य बड़ी संख्या में वन्यजीव व पक्षियों को देखकर इस महान कार्य की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य, प्रकृति की मनोहारी छटा, सुन्दर व्यवस्था, कर्मचारियों का सहयोगात्मक व्यवहार, वनों एंव वन्य जीवों के संरक्षण में किया गया महान उपाय सचमुच सराहनीय है। पृथ्वी माता के श्रृंगार है वृक्ष। हम सभी को पृथ्वी माता को श्रृंगार विहीन होने से बचाना है। प्रकृति हमारी जन्म देने वाली माँ से ज़्यादा हमारी रक्षक है। प्राकृतिक नियमों की अवहेलना, प्रकृति के विरुध्द आचरण, प्रकृति को विकृत करने इत्यादि के कारण हमारी रक्षक प्रकृति माँ हमारी भक्षक बन जाती हैं। प्रकृतिक आपदाएं, बाढ़, सूखा, भूकंप, सुनामी इत्यादिक प्रकृति से छेड़छाड़ इसी के दुष्परिणाम हैं। हम सभी को समय रहते प्रकृति का संतुलन बनाये रखते हुए, पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक होने की आवश्यकता है।
महाराज श्री ने कहा कि हमें साधन के प्राप्त हो जाने पर साध्य का परित्याग नहीं करना चाहिए। सच्चे हृदय की प्रेम विश्वास व श्रद्धा से परिपूर्ण पुकार को प्रभु अवश्य सुनते हैं। हम सभी को प्रभु व गुरु पर पूर्ण लगन व निष्ठा से अपने-अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। भगवान की कृपा से असंभव भी संभव हो जाता है। भगवान की कृपा प्राप्त करने के लिए कृपापात्र होना जरूरी है। उसकी ही कृपा है कि हमें यह मानव शरीर प्राप्त हुआ है। परंतु भगवान की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए सदाचरण व सच्चा प्रेम परिपूर्ण भक्ति का होना जरूरी है। यदि मनुष्य इस तरह से भगवान से प्रेम, संसार की यथासम्भव व यथासामर्थ्य सेवा तथा अपनी खोज करें तो जीवन सुखमय व आनंदमय हो जाएगा। कहा कि यदि हमारा भगवान के प्रति सच्चा प्रेम है भगवान की कृपा तो प्राप्त होगी ही साथ ही वह स्वयं भी हमारे पास आने को आतुर हो जाएगा। भगवान के प्रति प्रेम सच्चे मन से होना चाहिए।
महाराज श्री ने कहा कि प्रेम व्यापार नहीं है। शबरी का भगवान राम के प्रति सच्चा प्रेम व गुरु के प्रति दृढ़ विश्वास ही था जो भगवान राम स्वयं चलकर उसकी कुटिया पर आए थे। अतः हम भी अपने गुरु के बताए हुए मार्ग पर चलकर उसे प्रेम परिपूर्ण परमात्मा को प्राप्त कर सकते हैं। हमें अपने गुरु के वचनों पर विश्वास नहीं वरन् दृढ़ विश्वास होना चाहिए। भगवान के कृपा पात्र बन जाते हैं गीता में भगवान श्री कृष्ण ने कहा है जैसी जिसकी श्रद्धा होती है वैसा ही उसका स्वरूप हो जाता है, क्योंकि श्रद्धा सदैव अंत: करण के अनुरूप होती है, इसलिए मनुष्य को सदैव सात्विक श्रद्धा से युक्त रहना चाहिए।
अपने दिव्य व ओजस्वी प्रवचनों में उन्होंने कहा कि जीता हुआ मन तथा इंद्रियां मित्र तथा अनियंत्रित मन व इंद्रियां सबसे बड़े शत्रु है। संसार को जीतने वाला महावीर नहीं बल्कि मन व इंद्रियों को जीतने वाला महावीर है। मन बाधक भी है तथा साधक भी है। इसे अपनी आध्यात्मिक उन्नति के लिए साधक बनाएं। मन के हारे हार है व मन के जीते जीत है। सुख व दुख भी मन की अनुभूति के विषय मात्र हैं। मन की अनुकूलता में सुख व प्रतिकूलता में दुख जीव अनुभव करता है।
अपने धारा प्रवाह प्रवचनों में उन्होंने सभी को मंत्र मुग्ध व भाव विभोर कर दिया। सारा वातावरण “श्री गुरु महाराज”, “कामां के कन्हैया” व लाठी वाले भैय्या की जय जय कर से गूंज उठा।
परम पूज्य श्री महाराज जी आज व्यस्त कार्यक्रमों में से समय निकालकर कार्बेट पार्क के फाटों ज़ोन में विशेष आग्रह पर प्रातः 5 बजे पधारे। निकटवर्ती ग्राम वासियों ने महाराज जी का भव्य स्वागत किया। प्रातः सफ़ारी में प्रकृति के मनोरम व मनोहारी विहंगम दृश्य के बीच महाराज श्री ने हज़ारों हिरण, अनेक अन्य वन्य जीव, पक्षी व दो बाघों के दर्शन करके वनों व वन्य जीवों के संरक्षण का संदेश दिया। दो किंग कोबरा नागों का मिलन भी देखा। वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने श्री महाराज जी से आशीर्वाद प्राप्त किया ।
ख़बर शेयर करें – खबर सच है संवाददाता नैनीताल/भवाली। प्रसिद्ध कैंची धाम के स्थापना दिवस पर सोमवार (आज) तड़के कपाट खुलने के साथ ही देश-विदेश से पहुंचे हजारों श्रद्धालु बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन के लिए कतारों में लग गए।सुबह छह बजे तक 10 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके है, वहीं अभी […]
ख़बर शेयर करें – खबर सच है संवाददाता गढीनेगी। चार दिवसीय शौर्य सम्मान समारोह एंव विराट धर्म सम्मेलन धूमधाम से सम्पन्न होने के बाद आज प्रेमावतार, युगदृष्टा, श्री हरि कृपा पीठाधीश्वर स्वामी श्री हरि चैतन्य महाप्रभु जी को श्री हरि कृपा धाम आश्रम गढीनेगी से हज़ारों भक्तों ने बहुत भावपूर्ण अश्रुपूरित विदाई दी। […]
ख़बर शेयर करें -चार दिवसीय विराट धर्म सम्मेलन के चौथे दिवस उमड़ा अपार जन सैलाब A huge crowd gathered on the fourth day of the four-day grand religious conference, Udham Singh Nagar News, Gadinegi News, grand religious conference, Shri Hari Kripa Peethadhishwar and world famous saint Swami Hari Chaitanya Puri Ji Maharaj, 67th Shri Hari Prakatyotsav […]