संपादकीय

सम्पादकीय

बरसे मेघा तो दिल खुश हो गया …   

  तप रही थी धरती और ब्याकुल लोग उम्मीद कर रहे थे कि बरसे मेघा। इसी बीच आज काले-घने बादलों का घिर आना, ठंडी हवाओं का चलना और पहली बारिश की सोंधी महक आते ही तन और मन का झूम उठना, मानो ऐसा लग रहा था कि सावन आया झूम के….   हालांकि मुझे ज्ञात है, […]

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सम्पादकीय

चीन-विरोध का शोर और चीनी निर्भरता का सच 

  कमल किशोर पाण्डे (उप सम्पादक) “खबर सच है”   चीन को दुश्मन बताने का शोर जितना ऊँचा हुआ, चीन पर निर्भरता उतनी ही गहरी होती चली गई। यह विरोधाभास नहीं, यह खुला दोगलापन है।   सीमा पर टकराव, शहादत और राष्ट्रवाद की आड़ में जनता को भावनात्मक रूप से लामबंद किया गया, जबकि बंदरगाहों […]

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सम्पादकीय

छात्र राजनीती या फिर गुंडा तैयार करने की पाठशाला

  मनोज कुमार पांडे उत्तराखंड में लिंगदोह कमेटी की सिफारिशो के बावजूद छात्र संघ चुनाव गुंडागर्दी का अखाड़ा बन कर रह गया है। जहां लगातार हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं। चुनाव के दौरान कभी छात्र गुट कॉलेज परिसर पर भीड़ जाते है तो कभी कॉलेज परिसर से बाहर सरफुटब्बल की नौमत आ जाती […]

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