खबर सच है संवाददाता
नैनीताल। उच्च न्यायालय ने आरोपी नेता की याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे पीड़िता से मिलकर शादी के विवाद को सुलझाने की सलाह दी है। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए आरोपी को तीन दिनों के भीतर पीड़िता से मुलाकात कर समाधान निकालने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 27 मार्च को तय की गई है।
सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से दर्ज मुकदमे को निरस्त करने की मांग की गई थी। हालांकि, अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए इस पर तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया और दोनों पक्षों को आपसी बातचीत के जरिए समाधान निकालने का सुझाव दिया।
मामला अल्मोड़ा जिले के भतरौंजखान थाना क्षेत्र का है, जहां एक महिला ने एक स्थानीय नेता पर करीब नौ वर्षों तक शादी का झांसा देकर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जालसाजी, ठगी और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
महिला, जो एक सरकारी कर्मचारी है, ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी उसे नौ साल पहले चितई गोल्ज्यू मंदिर ले गया था, जहां विवाह की रस्में निभाने का वादा किया गया, लेकिन शादी नहीं हुई। इसके बाद आरोपी लगातार बहाने बनाकर विवाह टालता रहा।महिला ने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान आरोपी ने उसके साथ विभिन्न स्थानों की यात्राएं कीं, उसके परिवार के साथ रहा और उसके सरकारी पद का लाभ उठाते हुए उससे गाड़ी, कपड़े, किराया और अन्य खर्चों के नाम पर लाखों रुपये भी लिए।
महिला के अनुसार, जब उसने विवाह को कानूनी रूप देने की बात कही, तो आरोपी और उसके परिवार ने साफ इनकार कर दिया। इसके बाद उसे धमकाया और कहा गया कि वह जो करना चाहती है, कर ले।
आखिरकार, पीड़िता ने 9 मार्च 2026 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उसने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी अब किसी अन्य महिला से शादी करने जा रहा है और इस संबंध में उसे सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली। फिलहाल अदालत ने दोनों पक्षों को बातचीत के जरिए समाधान निकालने का मौका दिया है, जबकि मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी।




